संवाद सूत्र, बकेवर : रोडवेज बसों के इंतजार में यात्री खड़े रहते हैं, लेकिन रोडवेज की बसें यात्रियों की परवाह किए बिना ओवरब्रिज से फर्राटा भर निकल जाती हैं। यह हाल कहीं और का नहीं बल्कि बकेवर कस्बे के नेशनल हाईवे ओवरब्रिज के नीचे बने बस स्टाप का है।

नेशनल हाइवे के भरथना चौराहे पर ओवरब्रिज बना है। ओवरब्रिज के नीचे दोनों ओर सड़क भी है, जिससे छोटे वाहन व मालवाहक वाहन जरूरत के अनुसार ओवरब्रिज के नीचे से होकर जाते हैं। डग्गामार वाहनों में प्राइवेट बस व टेंपो भी बाजार से ही होकर जाते हैं और सवारियां ढोकर खूब आमदनी कर रही है, लेकिन रोडवेज के चालक तो अपनी मर्जी के मालिक हैं। वह खाली व कम सवारी लेकर ओवरब्रिज से जाते आते हैं, लेकिन ओवरब्रिज के नीचे नहीं आते। ओवरब्रिज के नीचे दोनों तरफ सड़क बनी है ऐसे में बुजुर्ग व महिला यात्री दूर जाकर रोडवेज बस पकड़ने से परहेज करते हैं। वह ओवरब्रिज के नीचे चौराहे से ही प्राइवेट वाहन को पकड़कर आते जाते हैं।

यात्रियों से ओवर ब्रिज पर ही उतरने की रखते शर्त

अक्सर देखा गया है कानपुर, लखनऊ, आगरा, दिल्ली आदि शहरों से बकेवर आने वाले यात्रियों को बस में बैठने से पहले मजबूरन चालक परिचालक की शर्तनामा पर सहमत होना पड़ता है कि उन्हें हाईवे ओवरब्रिज पर ही उतरना होगा तभी बस में चढ़ने की इजाजत मिलती है।

डग्गामार वाहन उठाते लाख

बकेवर कस्बे में रोडवेज बसों के न आने से जहां परिवहन विभाग को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। वहीं डग्गामार वाहन चालक इसका भरपूर फायदा उठाते हैं। ओवरब्रिज के नीचे व कस्बे में बसों के अंदर न आने के लिए जहां एनएएचआइ की घोर लापरवाही है, वहीं समस्या के निदान के लिए जिला प्रशासन का रवैया ¨चताजनक बना है।

स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएएचआइ की लापरवाही और जिला प्रशासन की नजर अंदाजी के चलते कस्बे में नहीं आ रहीं रोडवेज बसें, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है और कहा है कि नेशनल हाईवे के पूर्वी व पश्चिमी तिराहे पर इस प्रकार कट बनवाया जाए जिससे वाहनों को आवागमन की असुविधा न हो।

Posted By: Jagran