वीपी सिंह यादव, सैफई: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के इटावा क्षेत्र में आठवें डिपो के रूप में सैफई डिपो के नाम से काम शुरू हुए 20 दिन बीत चुके हैं। जागरूकता की कमी के कारण कम संख्या में सवारियां पहुंच रही हैं। इस कारण अधिकांश बसें खाली ही रोड पर निकल रही हैं। सैफई डिपो शुरू होने से दिल्ली सहित अन्य शहरों का सफर आसान हो गया है। मुख्य रूप से सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को इसका लाभ मिलेगा लेकिन जानकारी के अभाव में अभी सैफई बस स्टेशन पर सवारियां नहीं आ रही हैं।

बताते चलें कि मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के आला अधिकारियों ने अक्टूबर 2016 में अपने इटावा रीजन में आठवें डिपो के रूप में सैफई को चयनित किया था। उस समय सैफई डिपो को प्रदेश का आदर्श डिपो बनाने का ऐलान किया गया था, इसके तहत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के सैफई-करहल बाईपास रोड पर चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज से दो किमी दूरी पर भूमि भी आवंटित कर दी गई थी। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियों की संख्या बढ़ने और अधिक से अधिक इसके उपयोग को सार्थक बनाने व उससे राजस्व प्राप्ति के लिए पर्याप्त इंतजाम किए थे जिसके तहत सैफई-करहल बाईपास रोड पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। दस हजार वर्ग मीटर एरिया में बनाए गए इस डिपो के निर्माण पर 542.15 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इसका निर्माण कार्य जनवरी 2019 तक पूरा हो गया था। करीब दो साल के इंतजार के बाद दिसम्बर 2020 में इस डिपो को संचालित किया गया।

डिपो की व्यवस्थाएं की गईं पूर्ण

सैफई डिपो के संचालन के लिए अन्य डिपो से बसों तथा कर्मचारियों को नवनिर्मित सैफई डिपो में स्थानांतरित किया जा चुका है। इटावा डिपो से 5, औरैया डिपो से 4 बसों समेत कुल 25 बसों को सैफई डिपो के सुपुर्द भी किया जा चुका है। इसी तरह चालक और परिचालकों की व्यवस्था भी इटावा रीजन के दूसरे डिपो से स्थानांतरित करके हो चुकी है। सैफई में डिपो के सैटेलाइट बस स्टैंड की सुविधा पुराने बस स्टैंड के माध्यम से उपलब्ध है। इटावा रीजनल कार्यालय से सैफई की दूरी 20 किलोमीटर है। इस लिहाज से यह मुख्यालय से सबसे कम दूरी का डिपो है। इटावा रीजन में मैनपुरी,औरैया, शिकोहाबाद, बेवर, छिबरामऊ, फर्रुखाबाद व इटावा समेत कुल सात डिपो थे अब सैफई डिपो शुरू होने से कुल संख्या आठ हो गई है। सैफई डिपो पूरी तरह से शुरू हो गया है। यहां पर 25 गाड़ियां व चालक परिचालक व अन्य स्टाफ भी दे दिया गया है। अभी लोगों को जानकारी कम है जिस कारण बसे खाली चल रही हैं। जैसे-जैसे सवारियां बढ़ती जाएंगे उसी तरह से गाड़ियों की भी संख्या बढ़ा दी जाएगी। अभी शुरुआत है उम्मीद है एक दो महीने में डिपो का लाभ इस क्षेत्र के लोगों को भरपूर मिलेगा।

सुरेंद्र कुमार, सेवा प्रबंधक

Edited By: Jagran