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    SIR Updates : लोकसभा चुनाव में वोट डाला पर अब गणना प्रपत्र नहीं आया? ऐसे कुछ और एसआईआर से संबंधित सवालों के पढ़ें जवाब

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:35 PM (IST)

    SIR Updates : लोकसभा चुनाव में मतदान करने के बाद भी यदि आपको गणना प्रपत्र नहीं मिला है, तो यहां आपके सवालों के जवाब दिए गए हैं। यह प्रपत्र चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। एसआईआर से संबंधित जानकारी मतदाताओं को सही मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए उपलब्ध है।

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    जागरण संवाददाता, इटावा। SIR Updates :  विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम में मतदाताओं के सामने वोटर सूची में नाम न होने एवं गणना प्रपत्र न पहुंचने की शिकायतें बहुत आ रहीं हैं। जिले में लगभग 12 लाख 60 हजार मतदाताओं के सापेक्ष प्रशासनिक आंकड़ों की बात करें तो शत प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण हो चुका है। साथ ही लगभग 60 फीसदी मतदाताओं के गणना प्रपत्र बीएलओ एप पर डिजिटाइज्ड भी हो चुके हैं।

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    अब 40 प्रतिशत में अधिकांश वे मतदाता हैं जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान किया था परंतु अब उनका गणना प्रपत्र नहीं मिला। वर्ष 2022 के बाद ससुराल आई महिलाओं के नाम भी सूची में नहीं मिल रहे। ऐसे मतदाता बीएलओ से मिलकर अपना नाम सूची में देखने के लिए माथा पच्ची कर रहे हैं। कभी वे वर्ष 2003 की सूची में अपना माता पिता का नाम देख लेते हैं तो कभी 2025 की सूची में अपना नाम ढूंढते हैं। एक दो लाेगों नाम दूसरे परिवारों के बीच मिल भी जाते हैं। अधिकांश के नहीं मिल रहे। वे असमंजस में हैं आखिर क्या करें। कहीं उन्हें वोट बनवाने के लिए तहसील और निर्वाचन कार्यालय के चक्कर न काटना पड़ें। महिलाएं भी अपना वोट सुरक्षित रखने के लिए मायके में अपने माता पिता का एपिक नंबर मंगवा रहीं हैं।

     

    इटावा नगर पालिका की सीमा में 16 स्थानों पर शनिवार को दूसरे दिन भी कैंप लगाया गया। कैंप में अपेक्षाकृत कम तादाद में मतदाता पहुंचे। सपा के एसआइआर प्रभारी उदयभान सिंह यादव, पूर्व प्रत्याशी सर्वेश शाक्य, भाजपा कोषाध्यक्ष संजीव भदौरिया, कृपा नारायण तिवारी ने कैंप में पहुंचकर मतदाताओं का सहयोग किया। बीएलओ ने कैंप में बैठकर जमा किए गए गणना प्रपत्रों को डिजिटाइड करने का काम भी बीएलओ एप पर किया।

     

    लखना व बकेवर नगर पंचायत कार्यालय में एसआइआर प्रक्रिया के तहत सभी वार्डों में कैंप लगाये जा रहे हैं। नगर पंचायत लखना में आयोजित शिविर में भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता अन्नू व उपजिलाधिकारी भरथना काव्या सी ने पहुंचकर उपस्थित बीएलओ के कार्य की समीक्षा करते हुए लखना देहात की बीएलओ माया देवी के कार्य में शिथिलता होने पर तेज गति से करने की बात कही।

     

    कई जगह मतदाताओं को सी केटेगरी में डाला, कहीं लिस्ट से नाम गायब

    समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने कहा कि इटावा सदर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 44 बुलाकीपुर, दुर्गापुर और बूथ संख्या 46 पुठिया, आकलपुर में किसी भी फ़ार्म के लिए केटेगरी ए और बी नहीं खुल रही है, फ़ार्म सी केटेगरी में स्वीकार हो रहे हैं। जो मतदाता ए और बी कैटेगरी में पात्र हैं उनके नाम सी कैटेगरी में जाने का मतलब है कि उनके पास नोटिस भेजे जाएंगे। जब अभी इतनी दिक्कत है तो आगे और भी दिक्कतें आएंगी। उन्होंने कहा कि भरथना विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान बूथ संख्या 323 दुर्गापुर जिसकी 2003 की बूथ संख्या 161 है, उसमें उस समय की वोटर लिस्ट में वोटर क्रमांक 660 से लेकर वोटर क्रमांक 703 तक के नाम गायब हैं। चाहे वो वोटर लिस्ट बीएलओ के पास की हो या आन लाइन हो। अब जो लोग 2003 की सूची में वोटर हैं वह लोग एसआइआर फार्म में 2003 की सूची का क्रमांक कैसे भरेंगे। चुनाव आयोग को इस समस्या को गंभीरता से देखना चाहिए।

     

    लोग बोले

     

    मेरा गणना प्रपत्र तो आया है परंतु उनकी मां सर्वेश कुमारी का प्रपत्र नहीं आया है। जबकि उनकी मां के पास फोटो पहचान पत्र भी है। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं दी जा रही।
    अवधेश बाबू, लालपुरा

     


    मेरे पुत्र नवनीत का नाम मतदाता सूची में नहीं मिल रहा है। वे बौद्ध विद्या मंदिर तो कभी जनता इंटर कालेज पोलिंग बूथ पर गए परंतु कोई समाधान नहीं मिला। पिछले लोकसभा चुनाव में उनके पुत्र की वोटर पर्ची भी आई थी।
    श्याम बाबू, फ्रेंड्स कालाेनी

     

    करीब 20 वर्ष पूर्व शादी हुई मेरा तो फार्म आया लेकिन पत्नी फहमीदा का फार्म नही मिला। जबकि कई चुनाव में मेरे बूथ पर वोट डाल चुकीं हैं। मायका मकसूदपुरा की 2003 की वोटर लिस्ट में नाम है। मायके में भी फार्म नहीं आया।
    शादाब अहमद, मुफ़्ती टोला

     

    जल्दबाजी में लोगों के फार्म गलत हो रहे हैं। चुनाव आयोग से मांग है कि वह इस गम्भीर समस्या पर पुनर्विचार कर एसआइआर प्रक्रिया के लिए तीन माह का समय निर्धारित करे।
    शावेज़ नक़वी, मुफ्ती टोला

     

    मेरा गणना प्रपत्र अभी तक नहीं मिला है। मेरी मां का गणना प्रपत्र आ गया है। इससे काफी परेशानी हो रही है।
    प्रियांक मिश्रा, शिक्षक