संवाद सहयोगी, जसवंतनगर : नगर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से बिना आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पैथोलाजी चला रहे लोगों के खिलाफ आखिर कार प्रशासन जागा और इस मामले में छापेमारी की गई। इस दौरान तीन दुकानें सील की गई तथा बड़ी संख्या में पैथोलाजी वाले अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए। उपजिलाधिकारी नंद प्रकाश मौर्य के नेतृत्व में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी यतींद्र राजपूत एवं पुलिस दल ने सबसे पहले गुलाबबाड़ी में स्थित पैथोलाजी पर छापा मारा, जहां एक एक्स-रे मशीन रखी हुई थी जिसके कागजात पैथोलाजी संचालक नहीं दिखा सका इस कारण उसे सील कर दिया गया है। संचालक को 3 दिन का समय एक्स-रे मशीन के कागजात दिखाने के लिए दिया गया है। इसी प्रकार गुलाबबाड़ी बस स्टैंड रोड पर स्थित सुरेंद्र पैथोलाजी पर भी छापा मारा गया जिसमें उनकी पैथोलाजी का नवीनीकरण नहीं कराया गया था जिस कारण उनकी पैथोलाजी को भी सील कर दिया गया तथा 7 दिन के अंदर उनसे नवीनीकरण के कागजात दिखाने के लिए समय दिया गया है। छिमारा रोड पर एक डेंटिस्ट के यहां छापा मारा गया जिसमें डा. अतुल चौधरी का नाम लिखा हुआ था जबकि कोई दूसरा व्यक्ति उसका संचालन कर रहा था। इस दौरान वह डा. अतुल चौधरी के कागजात नहीं दिखा सका इस कारण उसकी दुकान को सील कर दिया गया है तथा उसे एक सप्ताह के अंदर संबंधित डाक्टर के कागजात दिखाने के लिए कहा गया है। निर्धारित समय पर कागजात न दिखाए जाने पर मामले पुलिस में दर्ज कराए जाएंगे। डा. यतींद्र राजपूत ने बताया कि एक डाक्टर एक ही जगह प्रैक्टिस कर सकता है। उप जिलाधिकारी ने बताया कि नगर में अवैध पैथोलाजी तथा झोलाछाप का धंधा नहीं चलने दिया जाएगा तथा इस तरह छापेमारी लगातार जारी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग में इन फर्जी पैथोलाजी स्टाफ तथा झोलाछापों के रसूख कितने गहरे हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम के बाजार में पहुंचने से पहले ही अधिकांश फर्जी पैथोलाजी के संचालक अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए।

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