जागरण संवाददाता, इटावा :

चंबल नदी तट पर खेड़ा अजब सिंह गांव के नजदीक चंबल वैली बर्ड वॉचिंग एंड क्रोकोडाइल रिसर्च सेंटर पर गुरुवार को अलग ही नजारा था। उत्साह, जज्बा, हौसला और जुनून हिलोरे मार रहा था। चंबल नदी से उदी मानिकपुर बाईपास, यमुना नदी तट तक 42 किलोमीटर चंबल मैराथन दौड़ में उत्साही धावकों का झुंड एक इशारा होते ही दौड़ पड़ा। कोई नौ किलोमीटर पहले पड़ाव तक दौड़ पूरी होने के बाद अलग हुआ तो कोई 22 किमी हाफ मैराथन के बाद। 42 किमी दौड़ में केवल तीन दावेदार जोरआजमाइश करने को बचे। इनमें भारतीय सेना के जवान उदी निवासी अतुल कुमार दुबे ने पहला स्थान हासिल किया। संजय कुमार दूसरे स्थान और दीपक कुमार तीसरे स्थान पर रहे।

चंबल फाउंडेशन की ओर से आयोजित चंबल मैराथन में करीब डेढ़ सौ धावकों ने भाग लिया। खेड़ा अजब सिंह से दौड़ शुरू हुई और लक्ष्मणपुरा, नगला भवानी, उदी, चकरनगर रोड से नगला अजीत, भटपुरा, रमी का वर, पूठन, गाती के बाद ऊंट विलेज नाम से प्रसिद्ध रम्पुरा तक पहले चरण की नौ किलोमीटर मैराथन का समापन हुआ। इस रेस में प्रथम स्थान शिवम यादव, द्वितीय स्थान उदय बघेल और तृतीय स्थान सौरभ कुमार का रहा। रम्पुरा में ही समारोह को सदर विधायक सरिता भदौरिया, डॉ. कमल कुमार कुशवाहा, राज त्रिपाठी, गगन शर्मा, शशिकांत दीक्षित, गौतम शाक्य ने संबोधित किया। विजेताओं को सम्मानित किया गया। 22 किलोमीटर की हॉफ मैराथन दौड़ में विकास कुमार, रोहित यादव, दीपेंद्र कुमार, सचिन यादव ने अपना नाम दर्ज कराया। तीन प्रतिभागियों अतुल कुमार दुबे, संजय कुमार और दीपक कुमार ने 42 किमी की दौड़ में हिस्सा लिया। अतुल कुमार दुबे ने दो घंटे 27 मिनट और 17 सेकेंड में 42.200 किमी दौड़ पूरी की। चंबल परिवार के मुखिया वीरेंद्र सेंगर और उनकी टीम ने तीनों खिलाड़ियों को फूल मालाओं से लाद दिया। मैराथन के आयोजन में उत्तर प्रदेश के प्रभारी राहुल तोमर, मध्य प्रदेश के प्रभारी राधेगोपाल यादव और राजस्थान के प्रभारी पुखराज बैरवा ने बखूबी दायित्वों का निर्वहन किया। उदी ब्लॉक के चिकित्सा प्रभारी उदय प्रताप सिंह एंबुलेंस और अपनी टीम के साथ सुबह से डटे रहे।

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