संवाद सूत्र, ऊसराहार : बीते सप्ताह जिला विकास अधिकारी दीनदयाल वर्मा ने ग्राम मुरचा टाडेहार में गोशाला का निरीक्षण करने के बाद गोवंश को हरा चारा खिलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके निर्देश हवा-हवाई हो गए हैं। अब हरा चारा तो दूर गायों के लिए सूखा भूसा भी समाप्त हो रहा है। बीते दो दिन से गोशाला में एक क्विंटल के आसपास ही भूसा है। इस गोशाला में 22 गायें एक क्विटल भूसा के सहारे जी रही हैं, पर्याप्त चारा न मिलने से दो गायें फिर से बीमार हो गई हैं। ताखा तहसील क्षेत्र के मुरचा ग्राम टाडेहार में स्थित गोशाला में 18 गायें परौली रमायन गोशाला से भेजी गई थीं, जिनमें अब तक आठ गायें दम तोड़ चुकी हैं। अब इस गोशाला में आसपास घूमने वाली गायों को पकड़ कर संख्या फिर से 22 कर दी गई है। डाक्टर के मुताबिक ज्यादातर गायें कमजोर होने के कारण मरी हैं। इससे सवाल उठता है कि कमजोर गायों की जान बचाने के लिए उन्हें पर्याप्त भोजन व हरा चारा नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी मृदुल कुमार ने बताया गोशाला में लगभग दो क्विटल भूसा है, आगामी एक-दो दिन में और भूसा तथा हरे चारा की व्यवस्था कर ली जाएगी।

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14 दिन से आसई गोशाला में चारा नहीं

ग्राम आसई में बनी अस्थाई गोशाला में 14 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक चारे की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग गोसेवा प्रमुख सुरेंद्र कुमार दीक्षित ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि जिला प्रशासन के निर्देश पर पंचायत सचिव आलोक यादव द्वारा कुछ गायों को आसई गोशाला में पहुंचाया गया था, परंतु उनके चारे की व्यवस्था नहीं की गई। इनमें दो गायें मर भी चुकी हैं, कई गंभीर हैं। उन्होंने चारे की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

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14 दिन से आसई गोशाला में चारा नहीं

जासं, इटावा : ग्राम आसई में बनी अस्थाई गोशाला में 14 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक चारे की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग गोसेवा प्रमुख सुरेंद्र कुमार दीक्षित ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि जिला प्रशासन के निर्देश पर पंचायत सचिव आलोक यादव द्वारा कुछ गायों को आसई गोशाला में पहुंचाया गया था, परंतु उनके चारे की व्यवस्था नहीं की गई। इनमें दो गायें मर भी चुकी हैं, कई गंभीर हैं। उन्होंने चारे की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

Edited By: Jagran