संवाद सूत्र, बकेवर : शासन की मंशानुरूप गांव का विकास कराने को महेवा विकास खंड की ग्राम पंचायत बकेवर देहात की महिला प्रधान विनीश प्रभा चौहान ने जो हौसला दिखाया वह आगे चुने जाने वाले ग्राम प्रधानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत होगा। ग्रामीणों को गांव में विकास दिखाई दे रहा है। यहीं कारण रहा कि पंचायत को केंद्र सरकार द्वारा पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार व प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार से भी नवाजा है।

उत्कृष्ट कार्यों के चलते वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार प्राप्त हुआ था। ग्राम पंचायत बकेवर देहात में यह सब यहां महिला प्रधान विनीश प्रभा की दूरदर्शिता व हौसलों की बदौलत हासिल हो सका। उन्होंने जहां पंचायत की कार्ययोजना तैयार कराने के लिए आम जन की राय को माना वहीं उन्होंने नियोजित ढंग से इसे पूरा कराया। साथ ही गांव की साफ-सफाई पर भी ध्यान दिया। जिससे ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाते हुए उन्हें सरकार से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाया।

निवर्तमान प्रधान विनीश प्रभा के अनुसार गांव की सफाई व्यवस्था के लिए उन्होंने इसकी नियमित निगरानी की और ग्रामीणों से भी इस संबंध में राय जानी। उनके द्वारा बताई कमियों को दूर कराया। साथ ही जगह-जगह डस्टबिन लगवाए और लोगों को कूड़ा फेंकने के लिए इनका प्रयोग करने को प्रेरित किया। गांव की महिलाओं को घर में ही रोजगार मिले इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया। जिसके चलते प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण पुरस्कार व मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त हुआ।

वे बताती हैं कि गांव के विकास को जनसहभागिता बहुत जरूरी है। यही कारण है कि नियमित बैठकें करा कार्ययोजना तैयार कराने में ग्रामीणों की राय लेने से कई कार्य आसानी से पूरे हो गए। करीब चार हजार आबादी वाले ग्राम पंचायत में एक उच्च व दो प्राथमिक विद्यालय है। कायाकल्प योजना के तहत बेहतर कार्य कराया गया। जिससे विद्यालय का साफ सुथरा माहौल छात्रों के अनुकूल हो सका।

समाज शास्त्र से एमए निवर्तमान प्रधान विनीश प्रभा चौहान के अनुसार जब उन्हें गांव की जनता ने प्रधान चुना तो सबसे पहले उन्होंने गांव में होने वाली जलभराव की समस्या पर गौर किया। जिसे दूर करने को मिलने वाले बजट से नाली निर्माण कराने के साथ सड़कों को भी पक्का कराया। ताकि गांव के अंदर आवागमन में परेशानी न हो।

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अन्ना मवेशियों की समस्या से दिलाई निजात

वैसे तो अन्ना मवेशियों को रखने के लिए पूरे जिले की पंचायतों में गोशालाएं संचालित हैं। लेकिन ग्राम प्रधान ने इसके बेहतर प्रबंध किए। ताकि गांव के साथ आसपास के गांवों के किसानों की फसलों को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए जहां मवेशियों को खाना पानी की गोशाला में उचित व्यवस्था कराई वहीं उनकी बेहतर देखभाल भी कराई गई। पंचायत में गोशाला की स्थापना के साथ आठ पशु शेड भी बनवाए।

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पूरी तरह गांव को कराया खुले में शौच मुक्त

गांव को खुले मे शौच से मुक्ति दिला घर घर शौचालय का निर्माण, आदर्श पंचायत घर बनवाने के साथ लोगों को शादी विवाह में दिक्कत न हो इसके लिए बारात घर का निर्माण, सामुदायिक मिलन केंद्र की स्थापना कराना वह अपने उल्लेखनीय कार्य बताती है।

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क्या बोले ग्रामीण

गांव में पिछले पांच वर्ष में काफी काम कराए गए हैं। पंचायत को मिलने वाले बजट के अलावा अन्य निधियों से गांव की कच्चे मार्ग में सीसी खडंजा, बारात घर, सामुदायिक भवन, गोवंश आश्रय स्थल आदि का निर्माण कराया गया।

देवेंद्र सिंह, ग्रामीण

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गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली व पानी समेत किसी तरह की दिक्कत नहीं है। इन्हीं मूलभूत सुविधाओं पर कार्य हुआ है। पात्रों को शासन से योजना का लाभ दिलाया गया। गांव में किसी तरह के विवाद होते हैं तो वह गांव में भी सुलह करा दिए जाते हैं।

योगेंद्र सिंह चौहान उर्फ डल्ले, ग्रामीण

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ग्राम पंचायत एक नजर में

ग्राम पंचायत : बकेवर देहात

मजरा : नशीदीपुर, केशोंपुर, चंद्रपुरा शाला, बकेवर देहात

कुल आबादी : 4000

परिषदीय स्कूल : प्राथमिक दो व उच्च प्राथमिक दो

पेंशनधारी : 220

पात्र गृहस्थी कार्ड : 340

अंत्योदय कार्ड : 144

पंचायत भवन : 1

मनरेगा जॉब कार्डधारक : 400

पीएम व सीएम आवास : 51

खेल मैदान : एक

तालाब खोदाई : 3

स्वच्छ भारत मिशन व्यक्तिगत शौचालय : 175

सार्वजनिक शौचालय : एक

Edited By: Jagran