इटावा-बरेली हाईवे पर जलभराव से यातायात पर असर, अवैध मिट्टी डंपिंग से उपजी समस्या
बसरेहर के हरिहरपुर में विवादित भूमि पर न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद अवैध रूप से मिट्टी डालकर कब्जा किया गया।

इटावा-बरेली हाईवे पर करीब एक किलोमीटर तक जलभराव
HighLights
न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर कब्जा।
अवैध मिट्टी डंपिंग से इटावा-बरेली हाईवे पर जलभराव।
सरकारी कूलों को पाटा, जल निकासी बुरी तरह प्रभावित।
संवाद सूत्र, बसरेहर। विकास खंड बसरेहर के गांव लाखापुर मोड़ से इटावा-बरेली हाईवे पर फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के हरिहरपुर में विवादित भूमि पर न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद अंधेरे में मिट्टी डाल कर जमीन पर कब्जा करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता शैलेंद्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है कि डंपरों और जेसीबी के जरिए रातभर मिट्टी डाली गई। उन्होंने सड़क किनारे खड़े पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाने और सरकारी कूलों को मिट्टी से पाट दिए जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि विवादित भूमि को लेकर सिविल न्यायालय में मामला विचाराधीन है। न्यायालय ने सात नवंबर 2026 तक स्थगन आदेश प्रभावी किया है। इसके बावजूद 18 अक्टूबर की रात भूमि पर मिट्टी डलवाने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि डंपरों से मिट्टी पहुंचती रही और जेसीबी से उसे फैलाया गया। मिट्टी डालने के दौरान सड़क किनारे बने सरकारी कूलों को भी मिट्टी से पाट दिए जाने से खेतों और आसपास के क्षेत्र की जल निकासी प्रभावित हो गई है। नाले के मुंह को भी मिट्टी डालकर बंद कर देने से लाखापुर मोड़ से लेकर दतावली गांव तक सड़क पर पानी भरा हुआ है, जो बढ़ता ही जा रहा है।
इस वजह से इटावा-बरेली हाईवे पर लाखापुर मोड़ से इटावा जाने वाले मार्ग पर दतावली गांव तक आसपास तक करीब एक किलोमीटर तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। एसडीएम सदर मनोज पाठक ने बताया कि इटावा-बरेली हाईवे पर जलभराव के मामले में शिकायत मिलने के बाद कार्यवाही करेंगे।
