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इटावा के स्कूलों में अधिकारी खुद सुनेंगे बच्चों की फरियाद, 167 अफसर करेंगे सोशल ऑडिट

Published: Mon, 24 Aug 2026 03:04 PM (GMT+05:30)

इटावा में 25 अगस्त से 1 सितंबर तक 1,484 परिषदीय विद्यालयों में सोशल ऑडिट अभियान चलेगा, जिसमें 167 अधिकारी सीधे ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. इटावा में 25 अगस्त से 1 सितंबर तक सोशल ऑडिट।

  2. 167 अधिकारी 1,484 स्कूलों में सुविधाओं की जांच करेंगे।

  3. बच्चों की शिकायतें सीधे अधिकारियों तक पहुंचेंगी, रिपोर्ट शासन को।

जागरण संवाददाता, इटावा। बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब स्कूल की मूलभूत समस्याओं की शिकायत लेकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। जिले के 1,484 परिषदीय विद्यालयों में 25 अगस्त से एक सितंबर तक सोशल ऑडिट अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी खुद विद्यालयों में पहुंचकर व्यवस्थाओं की हकीकत परखेंगे। इसके लिए 167 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

शासन के निर्देश पर होने वाले इस अभियान में अधिकारियों का फोकस केवल कागजी व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को वास्तव में किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं, इसकी पड़ताल की जाएगी। बिजली की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क, पठन-पाठन की स्थिति और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी मौके पर ली जाएगी।

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि जेन अल्फा यानी आज की डिजिटल पीढ़ी के बच्चों की समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचेंगी। बच्चे, शिक्षक और अभिभावक विद्यालय में मौजूद समस्याओं की वास्तविक स्थिति अधिकारियों को बता सकेंगे। इससे उन कमियों का भी पता चलने की उम्मीद है जो नियमित निरीक्षण के दौरान कागजों में दर्ज नहीं हो पातीं।

अधिकारियों को विद्यालयवार जांच के बाद पूरी रिपोर्ट गूगल शीट पर दर्ज करनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर शासन को विद्यालयों की स्थिति की जानकारी भेजी जाएगी। यानी अब विद्यालयों की व्यवस्थाओं का आकलन केवल निरीक्षण रिपोर्ट के भरोसे नहीं, बल्कि निर्धारित बिंदुओं पर मौके की स्थिति के आधार पर किया जाएगा।

जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने इस संबंध में आदेश जारी कर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग की ओर से जारी विद्यालय आवंटन सूची में अधिकारियों के लिए विद्यालयों का निर्धारण किया गया है।

बच्चों की आवाज बनेगा सोशल आडिट

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बिजली, पानी, साफ शौचालय, सुरक्षित रास्ता और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई जैसी सुविधाएं केवल सरकारी योजनाओं का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके अधिकार और बेहतर शिक्षा की बुनियादी जरूरत हैं। सोशल आडिट अभियान इन सुविधाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाने का अवसर है। यदि किसी विद्यालय में कोई कमी है तो उसे मौके पर अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा सकेगा और रिपोर्ट के माध्यम से शासन तक भी पहुंचाया जाएगा।

25 अगस्त से 1 सितंबर तक चलेगा अभियान

जिले में परिषदीय विद्यालय : 1,484
कुल नामांकित छात्र : 95,932
जांच के लिए लगाए गए अधिकारी : 167
सोशल ऑडिट की अवधि : 25 अगस्त से 1 सितंबर
जांच के प्रमुख बिंदु : बिजली, पानी, शौचालय, पढ़ाई, सड़क व अन्य मूलभूत सुविधाएं
रिपोर्टिंग : गूगल शीट के माध्यम से शासन को रिपोर्ट

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