संवाद सहयोगी, जसवंतनगर (इटावा) : दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर रविवार शाम हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते बची। अचानक रेलवे ट्रैक पर पहुंचे गोवंश में आठ की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन घायल हो गए। हादसा खंभा नंबर 1176/10 और 1176/11 के बीच जसवंतनगर रेलवे स्टेशन से पहले हुआ।

दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर जसवंतनगर और बलरई रेलवे स्टेशन के बीच घने कोहरे के दौरान डाउन ट्रैक पर घूम रहे गोवंश रविवार शाम हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। बताते हैं कि गेट संख्या 37 के पूर्वी तरफ तमेरा की मड़ैया गांव है। उसी ओर से अचानक बड़ी संख्या में गोवंश आए। घना कोहरा होने के कारण वह ट्रैक पर पहुंच गए। घटना के बाद हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस करीब आधा घंटा तक रुकी रही। रेलकर्मियों ने इंजन में फंसे गोवंश के शवों को निकालकर ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया। देर शाम रेलवे के गैंगमैन ट्रैक पर पहुंचकर सफाई करते रहे। ग्रामीणों से मामले की जानकारी पाकर एसडीएम ज्योत्सना बंधु मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि ट्रेन की चपेट में आकर आठ गोवंश की मौत हुई है। घायल आधा दर्जन गोवंश जसवंतनगर गोशाला में इलाज के लिए भेजे गए हैं। पशु पालन विभाग के डॉक्टरों को उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। शोर होते ही भागे बदमाश, ग्रामीणों ने की फायरिग

संवाद सहयोगी, भरथना : ग्राम नगला बंधारा के एक घर में बदमाशों के घुसने की आहट पर गृहस्वामी द्वारा शोर मचाने पर बदमाश खेतों की ओर भाग गए। ग्रामीणों ने बदमाशों के डर से अपने-अपने लाइसेंसी हथियारों से कई राउंड फायर किए।

ग्राम बंधारा निवासी विमलेश कुमार ने 112 पुलिस को फोन कर बताया कि उनके ही ग्राम निवासी चाचा रामकिशोर (होमगार्ड) के घर पीछे की रास्ते से कुछ बदमाश घर में घुसने का प्रयास कर रहे थे, जिनकी आहट सुन शोर मचाने पर बदमाश खेतों की तरफ भाग खड़े हुए। तभी आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीण एकत्रित होकर बदमाशों की तलाश में अपने-अपने लाइसेंसी हथियार, लाठी-डंडा लेकर खेतों की तरफ चल दिए। कुछ लाइसेंसी असलहाधारी ग्रामीणों द्वारा खेतों में खड़ी सरसों के अंदर बदमाशों के होने का आंशका पर उसके चारों ओर खड़े होकर कई राउंड फायरिग भी किए गए। लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा रेलवे लाइन के किनारे बने अंडर रेलवे पुल की तरफ तलाश की गयी लेकिन बदमाशों का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खेतों खलिहानों की खाक छानी। देर रात तक जब बदमाशों का कहीं पता न चला तो वे वापस लौट गए। थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को बदमाशों के होने का भ्रम हो गया था लेकिन संयुक्त रूप से की गयी तलाश में कुछ भी तथ्य निकलकर सामने नहीं आए। ऐसा लगता है कि किसी अफवाह के तहत ग्रामीणों को गुमराह किया गया है।

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