जागरण संवाददाता, इटावा : रविवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अचानक रद्द हो जाने से दूर- दराज से आये परीक्षार्थियों के चेहरे उतर गए। छात्रों ने दुखी मन से कहा कि इस बार तो पेपर इतना सरल आया था कि वह तकरीबन 50 प्रतिशत प्रश्न हल कर लिए थे।

शहर व देहात के 29 केंद्रों पर शांति पूर्ण ढंग से प्रात: 10 बजे परीक्षा शुरू की गई थी। डीआइओएस राजू राणा ने बताया कि प्राइमरी स्तर की परीक्षा में 15364 अभ्यर्थी व अपर प्राइमरी स्तर की परीक्षा में 9 हजार 578 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे। सभी जगह परीक्षा शांति पूर्ण ढंग से शुरू हो गई थी। सुबह करीब सवा 10 बजे जिलाधिकारी श्रुति सिंह का संदेश मिलने के बाद परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया गया। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को इस संबंध में तत्काल निर्देश जारी किए गए और अभ्यर्थियों को बांटे गए प्रश्न पत्र वापस ले लिए गए। इन सभी को सुरक्षित डबल लाक में रखवा दिया गया है। केंद्र व्यवस्थापकों से कहा गया था कि अभ्यर्थियों को एक साथ न छोड़ें बल्कि धीरे-धीरे छोड़ा जाए ताकि कहीं पर कोई जाम की स्थिति पैदा न हो। हालांकि कहीं भी जाम नहीं लगा।

इंटरनेट मीडिया पर रोडवेज की बसों में अभ्यर्थियों के लिए सफर फ्री होने की बाद प्रसारित होने पर क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम बीपी अग्रवाल ने बताया कि ऐसा कोई आदेश सरकार ने जारी नहीं किया है।

गोरखपुर से राजकीय इंटर कालेज में परीक्षा देने आए छात्र रोहित कुमार पासवान का कहना था कि वह महीनों से परीक्षा की तैयारी करके शिक्षक बनना चाहता थे लेकिन परीक्षा रद्द होने की सूचना पर मन में निराशा हुई।

भरथना निवासी निखिल पोरवाल का कहना था कि पता नहीं किन-किन हालातों से गुजर कर स्वजन ने कोचिग कराई थी। इस परीक्षा में पास होना निश्चित था। प्रश्न पत्र भी सरल आया था लेकिन निरस्त कर दिया गया। अब फिर से तैयारी में जुटना होगा।

सराय मिट्ठे निवासी आलोक कुमार का कहना था कि गांव में रहकर परीक्षा की तैयारी की थी। पर्चा भी सही आया था और काफी हद तक हल भी कर लिया था लेकिन निरस्त कर दिया गया इससे निराशा हुई।

भरथना देहात से आए अविनाश तिवारी का कहना था कि तैयारी अच्छी की थी, पेपर भी बेहतर था लेकिन निरस्त होने से निराशा हाथ लगी। मैंने इस बार परीक्षा के लिए बहुत मेहनत की थी, अब एक बार फिर तैयारी करनी होगी।

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