संवाद सूत्र, ऊसराहार : विधवा पेंशन को अपात्रों में वितरित करने की होड सी लग गई है। अब दिनेश चंद्र को दिनेशा देवी बनाकर विधवा पेंशन जारी कर दी गई। इतना ही नहीं एक दर्जन महिलाओं को भी विधवा दर्शाकर उनकी पेंशन जारी कर दी गई है। जबकि इन सभी महिलाओं के पति जीवित हैं। ताखा के ककराही में विधवा पेंशन में हुए घपले की अब परत दर परत खुलकर सामने आ रही है। जहां वीरेंद्र सिंह को वीरेंद्री देवी व प्रयागदास को प्रयागदास देवी बनाकर विधवा पेंशन जारी कर दी गई है वहीं अब दिनेश चंद्र को भी दिनेशा देवी दर्शाकर पेंशन जारी कर दी गई। समाज कल्याण विभाग से जो पेंशन विधवा दिनेशा देवी पत्नी पातीराम के खाते में भेजी जाती है वह सीधे दिनेश चंद्र के सेंट्रल बैंक के खाते में पहुंचती है। जबकि यह खाता दिनेशा देवी के नाम पर है ही नहीं बल्कि देनेश चंद्र के नाम पर ही है। पिता को बना दिया पति दिनेशा देवी के पति पातीराम को लिखा गया है वह पति नहीं बल्कि दिनेश के पिता हैं। इसी तरह से ककराही की सरस्वती पत्नी राजेंद्र, रामप्यारी पत्नी बलराम, रामबेटी पत्नी रामलखन, फूलन देवी पत्नी रामचंद्र, निर्मला देवी पत्नी शिवशंकर, कमला देवी पत्नी लाखन सिंह की भी विधवा पेंशन जारी कर दी गई है जबकि उक्त सभी महिलाओं के पति जीवित हैं। पैसे के खेल में कुछ माफिया इन्हे विधवा दर्शाकर धोखाधड़ी कर अपना धंधा फैला रहे हैं। इन पेंशनधारकों के खातों में कई माह की पेंशन भेजी भी जा चुकी है और माफिया भी पहली किस्त पेंशनधारकों के खातों से निकलवाकर हड़प चुके हैं। लगभग सभी पेंशन धारक महिलाओं को तो यही पता है कि उनकी वृद्धा पेंशन ही बनी है जब मामला खुल रहा है तो पता चल रहा है कि पेंशन धारक की वृद्धा नहीं विधवा पेंशन बनाई गई है। मजे की बात तो यह है कि इतने व्यापक पैमाने पर इन पेंशनों का सत्यापन किस आधार पर किया गया है इसका उत्तर जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि गड़बड़ी तो कहीं से हो रही रही है। क्योंकि एक तरफ तमाम विधवा अपनी पेंशन बनवाने के लिए आज भी चक्कर काटती हैं पर पेंशन नहीं बन पा रही है। वहीं ककराही में पुरूष को महिला और महिला को विधवा बनाकर पेंशन हड़पी जा रही है। एडीओ समाज कल्याण शिवम पाल ने बताया दिनेशा देवी नाम की कोई महिला नहीं है जो दिनेशा देवी के नाम से पेंशन जारी है वह दिनेश ही ले रहा था, ऐसे और कितने लोग पेंशन ले रहे हैं इसकी जांच की जा रही है साथ ही यह सभी पेंशन किस जगह से बनाने का काम किया गया उसकी भी जांच की जा रही है।

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