जासं, इटावा : स्टोर में सामान की कमी, आउटसोर्सिंग पर जेई, एसडीओ की तैनाती, वेतनमान, ऊपर स्तर पर उच्च भ्रष्टाचार आदि मुद्दों पर राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। इंजीनियरों ने 15 सितंबर से आंदोलन की चेतावनी दी है।

संगठन की इटावा शाखा की बैठक कुनैरा कार्यालय पर आयोजित की गई। जिसमें संगठन के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र ¨सह ने कहा कि सामान की कमी के कारण निर्बाध बिजली आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। संगठन की मांग है कि पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए। साथ ही जूनियर इंजीनियर का ग्रेड पे 4200 से 4600 का 1 जनवरी 2006 से लागू किया जाए। इसके अलावा जो एसडीओ व जेई की सूची में असमानता है, उसे समान किया जाए। वेतन विसंगतियां दूर की जाएं। जनपदीय सचिव योगेन्द्र कुमार ने कहा कि पोल और तार की कमी है। जब उपलब्धता होगी तभी दिया जाता है। इस कमी को भी दूर किया जाए। जिससे खराब लाइनों पर काम किया जाए। काम करने वाले अवर अभियंता को सुरक्षा व पेट्रोल व अन्य संसाधन मुहैया कराए जाएं। जिससे साइड पर काम कर सकें। वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार एसडीओ ने कहा कि ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार चरम पर है। जेई, एसडीओ जैसे संवेदनशील पदों पर आउटसोर्सिंग से भर्ती की गई है। यह गलत है। निगम को स्थाई तौर पर इंजीनियरों की भर्ती करनी चाहिए। इंजीनियरों ने 12 सूत्रीय मांगों को जल्द न माने जाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रचार सचिव वीरेन्द्र कुमार अवर अभियंता ने सभी इंजीनियरों से एकजुट होने के आह्वान के साथ आगामी 15 सितंबर से होने वाले आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। बैठक में प्रमोद कुशवाहा एसडीओ, जेई दिनेश कुमार, संजय कौशल, कामेश कुमार, कन्हैयालाल, कुलचन्द्र प्रकाश, शशि गौड़, मोहित कुशवाहा, शिवम शर्मा, विनोद यादव तथा जिले के समस्त अवर अभियंता उपस्थित रहे।

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