जागरण संवाददाता, इटावा : जनपद में पुलिस द्वारा अभी भी 816 विवेचनाओं का निस्तारण किया जाना शेष है। हालांकि वर्ष 2021 में एक सितंबर से 15 सितंबर तक विवेचनाओं के निस्तारण पर खासा ध्यान दिया गया है। लेकिन फिर भी 31 दिसंबर 2020 के मुकाबले विवेचनाओं की संख्या इस वर्ष के नौ महीनों में बढ़ी है। जो विवेचनाएं लांबित हैं उनमें तीन माह से कम दर्ज मामले 467, छह माह से कम मामले 255, दो वर्ष से कम अवधि के मामले 87, दो वर्ष से अधिक अवधि वाले मामले सात शामिल हैं।

पुलिस विभाग के रिकार्ड आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2020 को जनपद में 534 विवेचनाएं लांबित थीं। जो बढ़कर 15 सितंबर 2021 को 816 हो गईं। इनमें हत्या के मामले 13, लूट का एक, गृह भेदन के 09, छोटे अपराध जैसे वाहन चोरी, मारपीट के 655, एक्ट के मामले 138, शस्त्र अधिनियम के 13, जुआ के आठ, नारकोटिक्स के आठ, आवश्यक वस्तु अधिनियम के चार, आबकारी के 43, भ्रष्टाचार का एक, गैंगस्टर के 43, आइटी एक्ट के सात व अन्य 11 मामले शामिल हैं। बड़ी संख्या में विवेचनाएं निपटीं पुलिस द्वारा एक जनवरी 2021 से 15 सितंबर 2021 तक बड़ी संख्या में विवेचनाओं का निस्तारण भी किया गया है। इस अवधि के दौरान 3662 विवेचनाओं का निस्तारण किया गया है। इनमें 3377 मामलों में चार्जशीट लगाई गई है जबकि 285 मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाकर मामलों का निस्तारण किया गया है। सात करोड़ 92 लाख की संपत्ति पुलिस ने जब्त की एक जनवरी 2021 से 15 सितंबर 2021 तक पुलिस ने जनपद में निरोधात्मक कार्रवाई भी बड़े पैमाने पर की है। गैंगस्टर के 54 मुकदमे दर्ज किए गए जिनमें 125 लोग गिरफ्तार हुए। 18 न्यायालय में हाजिर हो गए। छह मामलों में पुलिस ने सात करोड़ 92 लाख 47 हजार 245 रुपये की संपत्ति जब्त की है। गुंडा एक्ट के 808, जिला बदर 50, जिले की सीमा में मिले छह मामलों में भी कार्रवाई की गई है। इसके साथ-साथ इसी अवधि में 38 अपराधियों पर पुलिस द्वारा पुरस्कार भी घोषित किया गया। जिनमें 25 को गिरफ्तार किया गया। तीन न्यायालय में सरेंडर कर गए जबकि 10 की गिरफ्तारी अभी शेष है।

जनपद में 816 विवेचनाएं अभी लंबित हैं। इनके निस्तारण के निर्देश जल्द से जल्द कराने के दिए गए हैं। पिछले नौ माह में 3662 विवेचनाओं का निस्तारण किया गया है। डा. बृजेश कुमार सिंह एसएसपी

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