समय से पहले हड्डियां दे रही जवाब, युवा भी घुटनों के दर्द से परेशान; फूड हैबिट्स के साथ लाना होगा ये चेंज
युवाओं में बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण हड्डियों व जोड़ों का दर्द समय से पहले बढ़ ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
संवाद सहयोगी, एटा। बदलती जीवनशैली, खानपान में लापरवाही और शारीरिक गतिविधियां कम होने का असर अब युवाओं की हड्डियों पर भी दिखाई देने लगा है। जिस उम्र में लोग सक्रिय रहते थे, उस उम्र में ही युवा घुटनों और हड्डियों के दर्द की शिकायत लेकर मेडिकल कालेज की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक बैठकर काम करना, नियमित व्यायाम न करना और फास्ट फूड का अधिक सेवन हड्डियों और जोड़ों की सेहत को प्रभावित कर रहा है। मेडिकल कालेज की हड्डी रोग विभाग ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे युवा पहुंच रहे हैं, जिन्हें घुटनों, कमर और अन्य जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है। कई युवाओं का कहना है कि थोड़ी देर चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर घुटनों में दर्द बढ़ जाता है।
कुछ लोगों को लंबे समय तक बैठने के बाद उठने में भी परेशानी महसूस होती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विनोद सिंह धनगर ने बताया कि युवाओं में हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्या के पीछे जीवनशैली में बदलाव प्रमुख कारणों में शामिल है। शारीरिक मेहनत और व्यायाम कम होने के साथ खानपान में पौष्टिक आहार की कमी से भी परेशानी बढ़ सकती है।
लगातार बैठे रहने और शरीर का वजन बढ़ने से घुटनों पर अतिरिक्त दवाब पड़ता है। उन्होंने बताया कि हड्डियों को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है। दूध और उससे बने पदार्थ, दालें, हरी सब्जियां तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ आहार में शामिल किए जाने चाहिए।
रोजाना कुछ समय व्यायाम और पैदल चलने के लिए निकालना भी लाभकारी है। चिकित्सक युवाओं को दर्द को नजरअंदाज न करने की सलाह दे रहे हैं। लगातार दर्द रहने पर जांच कराकर कारण पता करना जरूरी है, जिससे समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और भविष्य में हड्डियों व जोड़ों की समस्या गंभीर रूप न ले।
