एटा, जासं। सकीट क्षेत्र में मंगलवार दोपहर आग से 25 बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल खाक हो गई। अग्निकांड की सूचना फायर स्टेशन पर दी गई थी। देरी से अग्निशमन दल के पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया।

मंगलवार दोपहर 1 बजे तक ग्राम बहलोलपुर में सब कुछ सामान्य था। कुछ ग्रामीणों ने खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग की लपटें उठते देखीं तो सूचना वीरेंद्र सिंह व उसके भाई मुनेंद्र को दी। जिस पर दोनों भाई और उनके परिजन तथा आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। अग्निकांड की जानकारी पुलिस के माध्यम से फायर स्टेशन को भी दी गई, लेकिन अग्निशमन दल मौके पर नहीं पहुंचा। जब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, तब तक दोनों भाइयों के 25 बीघा खेत में खड़ी फसल खाक हो चुकी थी।

दो घंटे देरी से पहुंचे अग्निशमन दल को देख ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। ग्रामीणों का कहना था कि सूचना देने के बाद समय से फायर बिग्रेड मौके पर आ जाती तो कई बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल को बचाया जा सकता था। अग्निकांड के बाद दोनों परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट पैदा हो गया है। आग फसल में कैसे लगी इस संबंध में कोई भी ग्रामीण मौके पर पहुंची पुलिस को खास जानकारी नहीं दे सका। बता दें कि दो दिन पूर्व मलावन क्षेत्र के ग्राम कंगरौल में बिजली की चिगारी से लगी आग में 10 परिवारों के 63 बीघा खेत में खड़ी फसल स्वाह हो गई थी। अग्निशमन दल के देरी से पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था, जिसमें गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी और पांच कर्मचारी भी चुटेल हो गए थे।

Posted By: Jagran

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