पंचायत सहायक कार्यालयों में अपने इंटरनेट से करना पड़ रहा काम

जासं, एटा: ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों पर आय, जाति एवं अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पंचायत सहायक तैनात किए गए हैं। जिले में अधिकांश जगहों पर पंचायत सहायक कार्यालय संचालित हो रहे हैं। पंचायत सहायक अपने मोबाइल से इंटरनेट चलाकर कार्य कर रहे हैं, जबकि नेट उपलब्ध कराने की पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी तय की गई है। गांव के लोगों को मुख्यालय और तहसील स्तर पर भागना न पड़े इसके लिए पंचायत भवनों पर पंचायत सहायक तैनात किए गए हैं। कम्प्यूटर, फर्नीचर आदि उपलब्ध कराया गया है। वे ग्रामीणों को फर्द, खतौनी, आय, जाति आदि प्रकार के प्रमाण पत्र मुहैया कराएं। जिले में 20 ग्राम पंचायत छोड़कर शेष 555 में पंचायत सहायक कार्यालय संचालित कर रहे हैं। पंचायत भवनों को नेट से जोड़ने के लिए शासन ने पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, मगर लंबा समय बीत जाने के बाद भी पंचायतों को नेट से नहीं जोड़ा जा सका। ऐसे में पंचायत सहायक अपने मोबाइल को डाटा से कामकाज करने को मजबूर हो रहे हैं। इतना ही नहीं मोबाइल के इंटरनेट की स्पीड अच्छी न होने के कारण पंचायत सहायक और ग्रामीणों को लंबे समय तक दस्तावेज आनलाइन करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को भी इसका खर्च उठाना पड़ता है। वहीं जिला पंचायती राज अधिकारी केके सिंह ने बताया कि नेट उपलब्ध कराने के लिए एक कंपनी निर्धारित की गई थी। सभी पंचायतों में नेट उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि जिले में 43 जगहों पर पंचायत भवन तैयार न होने के कारण निजी भवनों में पंचायत सहायक कार्यालय संचालित कर रहे हैं।

Edited By: Jagran