एटा, जासं। लोकतंत्र के महापर्व में महिला मतदाताओं ने फिर मिसाल कायम की। मतदान जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने गंभीरता और सजगता दिखाई। जिसके दम पर वोटिग के मामले में मारहरा विधानसभा क्षेत्र में पुरुषों को भी पीछे छोड़ दिया। एटा विधानसभा क्षेत्र में भी आधी आबादी लगभग बराबरी पर रही।

आमतौर पर महिलाओं को वोट डालने के मामले में सुस्त करार दिया जाता है, जिसकी वजह से उनको फोकस कर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। संदेश दिया जाता है कि मतदान के दिन पहले वोट डालें, चूल्हा-चौका बाद में संभालें। ऐसे में जागरूकता अभियानों का असर भी महिलाओं पर देखने को मिलने लगा है। 17वीं लोकसभा के लिए मंगलवार को यहां हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान उनका उत्साह और गंभीरता काबिले-तारीफ थी। अधिकांश बूथों पर महिलाओं की कतार पुरुषों की अपेक्षा लंबी थी। तमाम महिलाएं घरेलू कामकाज छोड़ सबसे पहले वोट डालने के लिए निकलीं। कहीं घर की महिला सदस्य मिलकर बूथों पर पहुंचीं। तो कहीं आस-पड़ोस की महिलाओं ने भी एकत्रित होकर एकसाथ वोट डालने के लिए मतदान केंद्र का सफर तय किया। उनकी जागरूकता का ही नतीजा रहा कि मारहरा विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदान फीसद पुरुष मतदान फीसद के मुकाबले अधिक हो गया। एटा विधानसभा क्षेत्र में भी महिलाएं मामूली अंतर से ही पीछे रहीं। लोस-2019 के मतदान की स्थिति

विधानसभा पुरुष मतदान महिला मतदान

मारहरा 65.11 65.77

एटा 60.44 59.80

विस 2017 में दोनों क्षेत्रों में मारी थी बाजी

इससे पहले वर्ष 2017 में महिलाओं मतदाताओं ने दोनों ही विधानसभाओं में बाजी मारी थी। उस समय एटा विधानसभा में पुरुषों के 62.19 वोट पड़े। जबकि महिलाओं के इससे अधिक 64.55 फीसद वोट रहे। मारहरा विधानसभा क्षेत्र में 62.95 फीसद पुरूष मतदाताओं ने वोट डाले। जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 66.30 फीसद रही थी।

Posted By: Jagran

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