एटा, जासं। स्वच्छ भारत मिशन धरातल पर पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रहा। गांव नगला प्रेमी, अथैया, उज्जैपुर और महुअट में अब तक आधे ही शौचालय बन सके हैं। बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण अभी तक अधूरा पड़ा है। दूसरी ओर योजना के लाभ से वंचित लोगों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे में गांव की करीब तीस फीसद आबादी खुले में शौच जाने को मजबूर है।

विकास खंड शीतलपुर की ग्राम पंचायत अथैया में 400 से ज्यादा परिवार रह रहे हैं। इनमें से करीब 90 परिवारों के यहां पहले ही शौचालय बने हुए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरी पंचायत के पांच गांवों में 207 ग्रामीणों ने आवेदन किए थे, इनमें से 53 परिवारों को अब तक अपना नंबर आने का इंतजार है। लाभ पाने से वंचित रोहित पाठक पुत्र मुकेश पाठक ने बताया कि उन्होंने अपना नाम लिखवाया था। परंतु अब तक उनको लाभार्थी नहीं बनाया गया है। कई बार अधिकारियों को इसकी शिकायत कर चुके हैं। जिलाधिकारी को भी लिखित शिकायत की, मगर प्रधान द्वारा पैसे की डिमांड पूरी न किए जाने के कारण अब तक शौचालय से वंचित हैं। राजवती, शैलेंद्र राजपूत और मानवेंद्र राजपूत नगला प्रेमी ने भी शौचालय न मिलने के कारण खुले में शौच को मजबूर होने का आरोप लगा रहे हैं। नेकसी देवी ने कहा कि आधे अधूरे शौचालयों का निर्माण कराकर उन्हे छोड़ दिया गया है। ऐसे में शौचालय पूर्ण न हो पाने के कारण परिवार के सदस्य खुले में शौच को विवश हैं। इसके अलावा कमलेश कुमारी, गीतम, सर्वेश पत्नी जगत सिंह ने भी आवेदन किया है। किन्तु उन्हे शौचालय के लिए कोई भी जानकारी नहीं दी गई हैं कि उनका शौचालय स्वीकृत किया गया है अथवा नहीं।

Posted By: Jagran

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