एटा, जागरण संवाददाता: खाद्य वस्तुओं से लेकर सब्जियों तक महंगाई की मार से हर कोई त्रस्त है। प्रदेश सरकार विधवाओं और दिव्यांगों को 5 सौ रुपये पेंशन देकर उनके उद्धार के सपने दिखा रही है। मंगलवार को कलक्ट्रेट कैंपस में दिव्यांगों और विधवाओं ने धरना देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने को आवाज बुलंद की। एएसडीएम अबुल कलाम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया।

आदर्श दिव्यांग व विधवा उत्थान समिति के बैनर तले आयोजित धरने में समिति सचिव जीकेआरएस राजपूत ने कहा कि दिल्ली की सरकार में दिव्यांगों और विधवाओं के साथ ही वृद्ध भी पांच हजार रुपये पेंशन पा रहे हैं। वहीं हरियाणा सरकार भी 18 सौ रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि भुगतान कर रही है। मगर सूबे में योगी सरकार का मंहगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है। इसके बावजूद पेंशन राशि 500 रुपये महीने दी जा रही है। उन्होंने पेंशनराशि तत्काल बढ़ाये जाने की मांग की है। इसके अलावा दिव्यांगों व विधवाओं को आवास दिलाए जाने के अलावा अधूरे पड़े शौचालयों को लेकर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। ब्रहमप्रकाश ने कहा कि प्रधान से लेकर सांसद, विधायकों के विकास की निधि का कोई पता नहीं चल रहा है। जबकि निधि की 15 फीसद राशि दिव्यांगों पर व्यय होनी चाहिए।

इस दौरान धरना देने वालों में विनोद कुमार, मनोज गोला, शैलेंद्र कुमार, रावेंद्र सिंह, नितिन कुमार, प्रवीन कुमार, त्रिभुवन सिंह, रनवीर सिंह, विजेंद्र सिंह, मुन्नालाल, वीनेश देवी, रामकली देवी, सुनीता देवी, शकुंतला देवी, जावित्री देवी आदि लोग मौजूद थे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप