जागरण संवाददाता, एटा : कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर जनपद के अस्पतालों में तैयारियां की जा रहीं हैं। इस समय सबसे अधिक चिता बेड को लेकर की जा रही है। जिन अस्पतालों में बेड कम हैं वहां उनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। एमसीएच विग में 200 बेड बढ़ाए जा रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सीएचसी और पीएचसी भी दुरुस्त की जा रहीं हैं।

एटा जनपद में इस समय कोरोना का कोई भी एक्टिव केस नहीं है। हालांकि इस समय जांच अधिक नहीं हो रही, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आगे की तैयारियों में लगा हुआ है। सबसे ज्यादा महिला अस्पताल की एमसीएच विग को दुरुस्त किया जा रहा है, यहां आक्सीजन प्लांट लगाया गया है, जिसने काम करना शुरू कर दिया है। पूर्व में यहां मात्र 30 बेड थे, लेकिन अब 200 बेड की व्यवस्था की गई है। तीसरी लहर में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को बताया जा रहा है। इसलिए पीकू वार्ड भी बनाया गया है। वहां आईसीयू की व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश यह है कि एमसीएच विग में जितने भी बेड हैं वे सभी आक्सीजनयुक्त किए जा सकें। अगर सारे बेड आक्सीजनयुक्त नहीं हो पाए तो आक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था है। जिसके जरिए आक्सीजन की आपूर्ति मरीजों तक की जाएगी। एल-1, एल-2 कोविड अस्पताल भी तैयार:

कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर बागवाला के एल-2 और चुरथरा के एल-1 कोविड अस्पताल में भी तैयारी की गईं हैं। यहां बेड की क्षमता बढ़ाकर 100-100 बेड तैयार करने की है। दूसरी लहर के दौरान यहां 70-70 बेड ही थे। उस समय मरीजों को भर्ती करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इन अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट बनाने की भी तैयारी है, इसके लिए बजट उपलब्ध हो चुका है और शीघ्र ही यह प्लांट काम करने लग जाएंगे। हर बेड आक्सीजनयुक्त होगा। सभी सीएचसी और पीएचसी पर आक्सीजन कंसंट्रेटर के जरिए आक्सीजन की आपूर्ति दी जाएगी। स्टाफ की भर्ती

दूसरी लहर के दौरान तमाम स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित हो गए थे और स्टाफ की भारी कमी महसूस की गई थी। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग जेम पोर्टल के जरिए नियुक्तियां कर रहा है। इनमें फार्मासिस्ट, वार्ड बाय व अन्य कर्मचारी शामिल हैं। मेडिकल कालेज में भी 36 कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर यह कर्मचारी कोविड अस्पतालों में लगाए जा सकते हैं। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अधिकांश तैयारियां कर चुका है। सभी अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रहीं हैं। आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे इसकी भी व्यवस्था कर ली गई है। एमसीएच विग में सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। - डा. उमेशचंद्र त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी, एटा

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