जासं, एटा : शहर में सड़कों के किनारे गंदगी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं। दुर्गंध से लोगों को नाक बंद कर निकलना पड़ता है। संचारी रोगों का खतरा भी बना हुआ है।

शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर कूडे़ के ढेर देखे जा सकते हैं। मेडिकल कालेज के अंदर और बाहर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए, लेकिन इसके आसपास कचरे के ढेर लगे रहते हैं। जीटी रोड के किनारे लोग कचरा डाल देते हैं। दीपावली का त्योहार नजदीक है, घर-घर में सफाई हो रही है। कचरा भी अधिक निकल रहा है। लोग कचरे को सड़क किनारे डाल रहे हैं।

इधर, नगर पालिका की कचरा एकत्रित करने वाली गाड़ियां डलावघरों से ही कूड़ा उठाती हैं। अन्य स्थानों पर पड़े कचरे की अनदेखी की जा रही है। डाक बगलिया के पास भी कचरे का ढेर लगा रहता है। पीपल अड्डा, होली मुहल्ला में चौराहों और तिराहों पर कचरा पड़ा रहता है, जबकि नगर पालिका की व्यवस्था यह है कि घरों से कचरा लेने के लिए पालिका की गाड़ी मुहल्लों में पहुंचती है, फिर भी चौराहों पर ढेर दिखाई देते हैं।

शहर में प्रतिदिन 20 टन कचरा निकलता है, इसे शहर के बाहर काशीराम कालोनी के पास गड्ढों में डाला जा रहा है।

सड़कों के किनारे गंदगी करने से हम सभी को बचना चाहिए। सरकार स्वच्छता अभियान पर भारी खर्चा कर रही है, हमारा भी फर्ज है कि हम सब सफाई पर ध्यान दें, जागरूक बनें।

- अशरफ हुसैन, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा दीपावली का त्योहार नजदीक है। घर-घर में सफाई हो रही है, जिस तरह से हम अपना घर साफ कर रहे हैं उसी तरह से हमारा यह भी फर्ज है कि सड़कों के किनारे घर से निकला कचरा न डालें।

- राकेश वाष्र्णेय, उद्योगपति शहर के हर मुहल्ले में नगर पालिका की गाड़ियां कचरा एकत्रित करने के लिए जाती हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि हम सब घर से निकलने वाला कचरा इन गाड़ियों में ही डालें।

- राकेश गुप्ता, परिवहन सलाहकार सफाई अभियान के प्रति हम सबको जागरूक होने की जरूरत है। इसके अलावा दूसरों को भी जागरूक बनने के लिए प्रेरित करें। सफाई की जिम्मेदारी सभी को लेनी चाहिए।

- डा. सुनीता सक्सेना, प्राचार्य, जेएलएन डिग्री कालेज चिकित्सक से बात

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इन दिनों अधिक बीमारियां फैल रहीं हैं और संचारी रोगों का खतरा बरकरार है। इसलिए सबसे अधिक ध्यान स्वच्छता पर देना चाहिए। गंदगी के कारण मच्छर पनपते हैं और डेंगू का खतरा भी रहता है। अपने घर के अंदर यह देखें कि किन स्थानों पर मच्छर अधिक हैं। खासतौर पर कोने में मच्छर अधिक होते हैं, यह कोना रसोई, बाथरूम और जहां पानी अधिक रहता हो वहां खतरा अधिक रहता है। एंटी लार्वा दवा का छिड़काव करना बहुत जरूरी है। घर के अंदर पानी न जमा होने दें। गंदगी के कारण बुखार, संक्रमण, डेंगू आदि रोगों का बड़ा खतरा है। बचने का उपाय सफाई ही है।

- डा. उमेश चंद्र त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी एटा इनसे सीखें

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ग्राम पंचायत पुरा के प्रधान योगेश राजपूत ने स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। सफाई अभियान में उनकी पहले से ही रुचि थी, लेकिन प्रधान बनने के बाद वे स्वच्छता पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। प्रतिदिन घर से निकलकर गांव की गलियां चेक करना और जहां भी गंदगी दिखाई दे। वहीं स्वच्छता कर्मियों को लगाना तथा ग्रामीणों को जागरूक करना भी उनकी दिनचर्या में शुमार है। अपने गांव को उन्होंने चमका दिया है। गांव में उन्होंने सफाई के लिए रोस्टर भी बनाया है, इस रोस्टर में गांव की प्रत्येक गली शामिल है और यह पहले से ही तय है कि किस गली में किस दिन सफाई होनी है। सप्ताह में एक बार फागिग की भी व्यवस्था है।

Edited By: Jagran