जागरण संवाददाता, एटा: फफूंद लगा लड्डू देख डीएम का पारा चढ़ गया। फोन पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को निर्देश दिए, जिस पर टीम ने घंटाघर स्थित मिष्ठान विक्रेता की दुकान पर पहुंचकर दूषित 10 किलो लड्डू नष्ट कराए।

गांव अहमदपुर मरथरा के रहने वाले अशोक कुमार की पत्नी का प्रसव रविवार को जिला महिला अस्पताल में हुआ। बच्चा होने की खुशी में अशोक शहर में घंटाघर रोड स्थित श्याम सुंदर की दुकान से बूंदी के लड्डू खरीदकर लाए। अस्पताल जाकर जब उन्होंने परिजनों और संबंधियों को लड्डू बांटने के लिए निकाले तो उन्हें देख वह चौंक गए। लड्डुओं में फफूंद लगी हुई थी। इसी दिन महिला अस्पताल में पल्स पोलियो अभियान का आगाज हो रहा था, जिसमें डीएम अमित किशोर भी पहुंचे थे। उन्हें देख अशोक कुमार शिकायत करने वहां पहुंच गए। उन्होंने डीएम को लड्डू दिखाए। जिन्हें देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और तुरंत ही खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी जेपी तिवारी को फोन कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विभाग की टीम श्याम सुंदर की दुकान पर पहुंच गई। पुष्टि के लिए अशोक कुमार को भी वहां बुला लिया। निरीक्षण के दौरान टीम ने भी पाया कि वहां रखे लड्डुओं में फफूंद लगी हुई थी। संभवत: ये लड्डू कई दिन पुराने बने रखे थे और इनके रखरखाव में सावधानी भी नहीं बरती गई थी, जिस पर टीम ने सैंपल लेने के बाद दस किलो दूषित लड्डू नष्ट करा दिया। पिता के नाम चल रहा था लाइसेंस: घंटाघर रोड जैसी महत्वपूर्ण जगह पर कारोबार कर रहे मिष्ठान विक्रेता श्याम सुंदर का अपने नाम खाद्य सुरक्षा विभाग से जारी लाइसेंस तक नहीं था। टीम के मांगे जाने पर उन्होंने अपने पिता विशन बाबू मिष्ठान भंडार के नाम का लाइसेंस प्रस्तुत कर दिया। अभिहित अधिकारी ने बताया कि बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ का व्यवसाय कराना नियम विरुद्ध है। इसके संबंध में नोटिस जारी कर दिया है। पुराना लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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