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निजी लग्जरी वाहनों की फिटनेस नियमों में बड़ा बदलाव, अब हर साल नहीं होगी जांच, लोगों को मिलेगी राहत

Published: Tue, 22 Sep 2026 09:46 AM (IST)

निजी लग्जरी वाहनों (7-9 सीटर) के लिए हर साल होने वाली फिटनेस प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है, जिससे वाहन ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. निजी लग्जरी 7-9 सीटर वाहनों की वार्षिक फिटनेस समाप्त।

  2. वाहन मालिकों को भागदौड़ और खर्च से मिलेगी बड़ी राहत।

  3. 15 साल पुराने निजी वाहनों की वार्षिक फिटनेस रहेगी जारी।

जागरण संवाददाता, एटा। ऐसे लग्जरी वाहन जो सात से नौ सीटर हैं उनके लिए हर साल होने वाली फिटनेस प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है।

2005 के नियमों में बदलाव करते हुए सरकार ने अब ऐसे वाहनों की एक बार ही फिटनेस प्रक्रिया होना तय कर दिया है, जबकि इससे पहले निजी हित में प्रयोग होने वाले लग्जरी वाहनों की हर साल लोगों को फिटनेस करानी पड़ती। इस बदलाव के बाद लोगाें को भागदौड़ से बचने के साथ ही धनराशि आदि खर्च करने से भी राहत मिलेगी।

सड़क सुरक्षा और लोगों को राहत देने के लिए परिवहन विभाग के नियमों में लगातार बदलाव किया जा रहा है। उसी प्रक्रिया में अब निजी लग्जरी वाहन स्वामियों को राहत देने के लिए कदम उठाया जा रहा है।

वर्ष 2005 में परिवहन विभाग में आदेश जारी किया गया था कि हर लग्जरी वाहन की प्रत्येक वर्ष फिटनेस करानी अनिवार्य होगी। ताकि सड़क पर कोई वाहन अनफिट होकर न दौड़ सके। उसी नियम में अब सरकार ने बदलाव कर दिया है।

वाहनों को सेंटर तक लाने ले जाने से राहत 

इसमें अब ऐसे में लग्जरी वाहन जो केवल निजी हित में प्रयोग हो रहे हैं, उनकी प्रत्येक वर्ष होने वाली फिटनेस प्रक्रिया खत्म कर दी गई है। हालांकि जो निजी वाहन 15 साल पुराने हैं। उनकी हर वर्ष फिटनेस प्रक्रिया की जाएगी।

नियमों में बदलाव होने के बाद लोगों को वाहनों को सेंटर तक लाने ले जाने से राहत मिलेगी। साथ ही दस्तावेज आदि कामों के लिए खर्च होने वाली धनराशि से भी राहत मिलेगी।

वहीं, एआरटीओ शिवम यादव ने बताया कि निजी वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। आदेश जारी होने के बाद पालन शुरू करा दिया है। 15 वर्ष पुराने निजी वाहनों की हर वर्ष फिटनेस प्रक्रिया होगी।

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