जासं, एटा: कुपोषण के विरुद्ध एक बार फिर से शासन ने संभव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान एक जुलाई से लेकर सितंबर के अंत तक चलेगा। कुपोषण के विरुद्ध प्रत्येक माह अलग-अलग सप्ताह में कार्य योजना की थीम तैयार की गई है। खास बात यह है कि इस अभियान में अन्य विभागों को भी समन्वय के आधार पर जोड़ा गया है। प्रत्येक विभाग की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की गई है।

यहां बता दें कि कुपोषण के विरुद्ध शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। अभी भी इन योजनाओं के बावजूद कुपोषण की रोकथाम में सबसे बड़ी चुनौती समाज परिवार तथा व्यक्ति के स्तर पर पोषण संबंधी मौजूदा धारणाओं और मिथकों में परिवर्तन लाना है। इसी उद्देश्य से पिछले साल संभव अभियान एक नवाचार के रूप में प्रारंभ किया गया था। अभियान के अंतर्गत विशेष रुप से सीवियर एक्यूट माल न्यूट्रीशन तथा माडरेट एक्यूट माल न्यूट्रिशन से ग्रसित बच्चों का चिल्ड्रन और उपचार के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर प्रबंधन और रोकथाम पर जोर दिया गया। इस अभियान की सफलता एवं इससे प्राप्त जरूरतों की पूर्ति के लिए फिर से एक जुलाई से 30 सितंबर तक संभव बयान चलाने का निर्णय लिया गया है। अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के चिहांकन के अलावा उन्हें कुपोषण से बचाने के लिए सामुदायिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। प्रत्येक महीने के प्रत्येक सप्ताह कार्यक्रमों की कार्य योजना भी तय की गई है। अभियान का शुभारंभ गर्भावस्था के आखिरी तीन मास में स्तनपान प्रोत्साहन और इसके बाद कम वजन वाले बच्चों की देखभाल के अलावा कंगारू मदर केयर और स्तनपान तकनीकी पर जागरूक किया जाएगा। इसी तरह अगस्त में पोषित भोजन तथा सितंबर में दस्त से बचाव प्रबंधन और साफ-सफाई के अलावा छोटे बच्चों में एनीमिया व अन्य सोच में पोषकतत्वों का आच्छादन के लिए गतिविधियां होंगी। यह विभाग भी करेंगे सहयोग

-स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यान विभाग, आयुष विभाग। यह होंगी गतिविधियां

-पोषण पाठशाला, पोषण चौपाल, सुपोषण दिवस, पोषण पंचायत, गृह भ्रमण आदि। ----------

संभव अभियान को लेकर तीन माह की कार्य योजना प्राप्त हो चुकी है। अन्य विभागों के सहयोग से कुपोषण के विरुद्ध बेहतर अभियान चलाया जाएगा। तैयारी शुरू कर दी गई है।

संजय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी एटा

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