मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, एटा: बवाल के आरोपित को पकड़ने के दौरान छीना-झपटी में नवजात बच्ची की मौत का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। बच्ची की मां ने दस पुलिसकर्मियों के खिलाफ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उधर, पुलिस ने बवाल के आरोपित को बुधवार को ही जेल भेज दिया था।

अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव सहनऊआ निवासी मोहन सिंह बुधवार को अपनी पत्नी गिरिजा को साइकिल से लेकर जा रहा था। गिरिजा की गोदी में नवजात बच्ची थी। बच्ची को डॉक्टर के पास ले जा रहा था। रास्ते में पुलिस कर्मियों ने मोहन सिंह को रोक लिया। साइकिल से जबरन उतारने की कोशिश की। इस छीना-झपटी में बच्ची गिर गई। गिरिजा ने आनन-फानन बच्ची को उठाया। बच्ची की हालत बिगड़ चुकी थी। गिरिजा ने बच्ची के इलाज का वास्ता देकर मोहन को छोड़ने की गुहार भी की, मगर पुलिस मोहन को लेकर चली गई। तब तक कुछ ग्रामीण भी आ गए थे। ये बच्ची को लेकर डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी। गांव लाकर बच्ची को दफना दिया गया। इधर, पुलिस ने मोहन का चालान कर जेल भेज दिया।

इस मामले में गिरिजा ने गुरुवार को आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की। इसमें नवजात की मौत के लिए दस पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। गिरिजा ने 'जागरण' को बताया कि वह पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर देने थाने इसलिए नहीं गई, क्योंकि उसे डर था कि पुलिस उसकी सुनवाई नहीं करेगी। इसलिए पोर्टल पर शिकायत की है।

बवाल में आरोपित है मोहन

सहनऊआ निवासी एक शख्स की 22 मार्च को अवागढ़ क्षेत्र में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घटना को लेकर बवाल हुआ था। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कर्मियों की पिटाई कर दी थी। सीओ जलेसर की गाड़ी फूंक दी थी। बवाल के आरोपितों में मोहन को चिंहित किया गया था। इस मामले को लेकर गांव में दहशत कायम है। सहनऊआ कांड के आरोपित घर से भागे हुए हैं। हालांकि कुछ की गिरफ्तारी हो चुकी है। हो रही जांच: नवजात की मौत के मामले में अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि बच्ची को स्वास्थ्य केंद्र से आगरा रेफर किया गया था, लेकिन परिवार वाले घर लेकर चले गए, जहां उसकी हालत बिगड़ गई। बवाल के आरोपित मोहन को पहले ही पकड़ लिया गया था, बच्ची की मौत गिरने से नहीं हुई है। मोहन को जेल भेज दिया गया है। सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप