जासं, एटा: राजा का रामपुर क्षेत्र में मंदिर के पुजारी अनिल मिश्रा उर्फ फक्कड़ बाबा द्वारा की गई खुदकुशी के मामले में पुलिस बाबा के नजदीकियों से पूछताछ कर रही है। डायरी में लिखे सुसाइड नोट में बाबा ने खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले लोगों में करू का नाम लिया है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही यह फरार हो गया। एक महिला की भी तलाश की जा रही है, लेकिन पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई कि आखिर यह महिला कौन है। 22 साल पहले बाबा की पत्‍‌नी छोड़कर चली गई थी।

13 अक्टूबर की शाम राजा का रामपुर कस्बा से डेढ़ किलोमीटर दूर कनेसर रोड पर स्थित शिव मंदिर में पुजारी फक्कड़ बाबा ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने अपनी भजन वाली डायरी में दो पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा। इसमें बाबा ने कनेसर के रहने वाले व्यक्ति करू और एक महिला का जिक्र किया है। बाबा ने करू पर अपमानित करने का आरोप लगाया है, जबकि महिला के बारे में लिखा है कि उसने कई लोगों को ठगा है। मेरे कोई बच्चा नहीं हैं और न शादी हुई है। डायरी के कई पन्नों पर भजन लिखे हैं और कुछ भाषा ऐसी भी है जो आसानी से पढ़ने में नहीं आ रही। परिवार वालों ने हैंडराइटिग पहचान ली है।

सीओ अलीगंज राघवेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि एक-एक पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। बाबा की मौत का पूरा सच सामने लाया जाएगा, करू नाम का व्यक्ति घर से भागा हुआ है। उसकी तलाश की जा रही है। उसके पकड़े जाने पर महिला के बारे में भी पता चल सकेगा कि जिसका जिक्र बाबा ने डायरी में किया है। भाई ने कहा शादी हुई और दो बच्चे भी

-फक्कड़ बाबा मूल रूप से सुभाष नगर जिला शाहजहांपुर के रहने वाले थे। मौत की खबर सुनकर आए उनके भाई अशोक मिश्रा ने बताया कि बाबा की 30 साल पहले शादी हुई थी। इसके बाद एक पुत्र राहुल और बेटी काजल भी हुई। शादी के बाद पत्नी आराधना सिर्फ आठ साल तक बाबा के साथ रही और उसके बाद वह बच्चों को लेकर उन्हें छोड़कर चली गई। तब से उसका व बच्चों का कोई पता नहीं है। वहीं दूसरी तरफ डायरी में बाबा ने शादी न होना बताया है। ऐसे में पुलिस को शक है कि बाबा ने डायरी में जिस महिला का जिक्र किया है कहीं वह पत्नी तो नहीं। बाबा छह माह पूर्व अपने घर भी गए थे। करू को ट्रेस कर चुकी पुलिस

-कनेसर के रहने वाले करू को पुलिस ट्रेस कर चुकी है। बाबा ने जिस व्यक्ति के नाम का जिक्र किया है उसके घर पर पुलिस ने रात को ही दविश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उसके परिवार के एक सदस्य से थाने लाकर पूछताछ भी की गई। शाहजहांपुर ले गए शव

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पोस्टमार्टम के लिए बाबा के शव को बुधवार देर रात को ही जिला मुख्यालय भिजवा दिया गया था, लेकिन परिवार के सदस्य सुबह के वक्त थाने पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा का फीडबैक पुलिस को बताया। पोस्टमार्टम के बाद शव को शाहजहांपुर ले गए। पैतृक संपत्ति के नाम पर सिर्फ मकान

-बाबा के भाई ने बताया कि पैतृक संपत्ति के नाम पर सिर्फ एक पुश्तैनी मकान है। बाबा के पांच भाई थे, जिनमें से अब सिर्फ एक ही रह गए हैं। विनाश का मतलब क्या

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फक्कड़ बाबा ने अपनी डायरी में गांव कनेसर के बारे में तीन बार विनाश विनाश विनाश शब्द का प्रयोग किया है। सवाल यह भी है कि आखिर बाबा ने यह शब्द क्यों लिखा और इसका क्या मतलब है।

Edited By: Jagran