एटा, जासं। शहर के मारहरा गेट स्थित नगर पालिका की आइएचएसडीपी कॉलोनी में पानी का संकट गहरा गया है। 95 आवास वाली इस कॉलोनी में 70 परिवार रह रहे हैं। जिनमें अधिकांश मुस्लिम परिवार हैं। रमजान माह में रोजे के दिनों में इन परिवारों के लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।

तपती गर्मी के मौसम में पेयजल संकट ने नगर पालिका कालोनी के वाशिदों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। एक तो रमजान माह में पाक साफ रहने के लिए उन्हे नहाने तक को पानी मुहैया नही हो पा रहा, दूसरे महिलाओें, बच्चों और पुरुषों को घरेलू कामकाज और कपड़े आदि धोने के लिए भी पानी नही मिल पा रहा। स्थानीय वाशिदों का कहना है कि पालिका के जलकल विभाग के प्रभारी को लिखित शिकायती पत्र के माध्यम से अवगत कराने के बाद भी अब तक समस्या का समाधान नही हो सका है। ट्यूबवेल की मरम्मत के लिए उनसे स्पष्ट कह दिया जाता है कि उन्हें एक हजार रुपए दें तब ही ट्यूबवेल सही करा सकेंगें। उन्होंने यह भी बताया कि कई वाल्मीकि वर्ग के लोगों ने कालोनी में बिना आंवटन के ही आवासों पर कब्जा कर रखा है। वे जानवरों के बाड़े बनाकर कालोनी में गंदगी को बढ़ावा दे रहे हैं। कहते हैं कॉलोनीवासी

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- गली गली घूमकर धनिया-मिर्च बेचने वाले ट्यूबवेल मरम्मत के नाम पर कहां से हजार रुपये की खैरात दें। यासमीन बेगम

- ट्यूबवेल की चाबी किसी सही ऑपरेटर को दिलाई जाए, जिससे पानी की आपूर्ति में हो रही लापरवाही खत्म हो सके। नीरू शर्मा

- किसी भी दिन पानी को लेकर कोई बड़ा विवाद यहां के लोगों में हो सकता है। आए दिन पानी के लिए झगड़े हो रहे हैं। अचलेश देवी

- अवैध रूप से कालोनी के आवासों में रह रहे लोगों से आवास मुक्त कराए जाएं, तभी गंदगी पर लगाम लगेगा। प्रेमवती देवी

- जानवरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, कॉलोनी में कोई भी जानवर न घुसने दिया जाए। तारी मुर्तजा

- बच्चों को पढ़ने तक नही भेज पाते, उन्हे पानी के लिए लाइन में लगाना पड़ता है, तब जाकर पानी की आपूर्ति हो पाती है। मेहंदी हसन

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Posted By: Jagran