जासं, एटा: एक साल की बच्ची के दुष्कर्मी को सिद्धदोष पाते हुए रेप और पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने ताउम्र यानि कि मौत तक सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दोषी पर 50 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया है। राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।

एडीजीसी शांतनु पाराशर ने बताया कि मलावन थाने के गांव मुजफ्फरपुर हिरौंदी निवासी राजेश के खिलाफ थाने में तहरीर देते हुए वादी ने बताया कि आरोपित ने उसके भाई की एक साल की बेटी के साथ 31 अक्टूबर, 2019 को शाम दुष्कर्म किया। घायल बच्ची को उपचार के लिए वह अपने भाई के साथ जिला चिकित्सालय लेकर आया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कर आरोपित के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेज दिया। उन्होंने शासकीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण यादव के साथ गवाहों के माध्यम से आरोप साबित किए। दोनों पक्षों की बहस व गवाहों के बयानात सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रेप और पॉक्सो एक्ट कैलाश कुमार ने आरोपित को दोषी करार देकर शेष प्राकृत जीवन के लिए सश्रम कारावास व 50 हजार रुपया जुर्माने का दंडादेश सुनाया। 53 तारीखों में हो गया निर्णय

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31 अक्टूबर 2019 को हुई घटना की चार्जशीट 21 नवंबर 2019 को अदालत में दाखिल होने से आरंभ हुए मामले में न्यायिक प्रक्रिया को पूरा करने में कुल 53 तारीखें पड़ी। दो साल के भीतर इस मामले में अदालत ने निर्णय पारित कर दिया। माता-पिता को उचित प्रतिकर की संस्तुति

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घटना में आई बालिका को गंभीर चोटों के कारण छह माह चले उपचार के कारण बच्ची के माता-पिता को हुई मानसिक पीड़ाओं के लिए उचित मुआवजा दिए जाने की भी अदालत ने संस्तुति की।

Edited By: Jagran