जासं, एटा: बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में बच्चों से सफाई कार्य कराने पर भले ही शिक्षकों की अब तक फजीहत होती रही, लेकिन अब स्वच्छता कार्यों में प्रत्येक बच्चे की सहभागिता होगी। छात्र-छात्राओं में स्वच्छता के आदर्श गुण को बढ़ाने के लिए मेरा विद्यालय, स्वच्छ विद्यालय के तहत नई पहल की जा रही है। स्कूल स्वच्छता में बच्चों की भागीदारी के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

ज्यादा दिन पुरानी बात नहीं है, जब सरकारी स्कूलों के बच्चों के हाथों में झाडू थामे फोटो और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर पहुंचते ही विभागीय अधिकारी भी शिक्षकों पर कार्रवाई करते नजर आते थे। अब नई पहल के अंतर्गत स्वच्छता गतिविधियां स्कूल में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के लिए पढ़ाई के साथ मुख्य गतिविधि होगी। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत यह प्रविधान किया जा रहा है कि बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों के साथ-साथ कौशल विकास, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता, प्रदूषण तथा अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति संवेदी बनाया जाए। सरकारी स्कूलों में अवस्थापना सुविधाएं पढ़ने के साथ अब स्वच्छता कार्यों की जरूरत होगी। शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों की सहभागिता से किए जाएंगे।

एटा जिले में स्वच्छता की नई पहल के अंतर्गत बच्चों को स्वच्छता के संबंध में जागरूक करने के साथ विद्यालय परिसर की साफ सफाई के लिए उनकी मनोस्थिति के सापेक्ष करने के प्रयास होंगे। स्वच्छता को लेकर शासन द्वारा की गई पहल के अंतर्गत प्रत्येक स्कूल में साफ-सफाई की गतिविधियां बच्चों द्वारा प्रत्येक दिन 15 से 20 मिनट की जाएगी। स्कूल में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में प्रत्येक बच्चे को बिना किसी भेदभाव के प्रतिभाग कराया जाएगा। ऐसी स्वच्छता गतिविधियां कराई जाएंगी, जो संबंधित बच्चों के लिए सहज हों। बच्चों को सफाई अभ्यास में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित शिक्षक करेंगे और उनका मार्गदर्शन करते हुए स्वयं भी सक्रिय रूप से प्रतिभाग करेंगे। स्कूलों में साफ-सफाई के लिए क्षेत्र का चिह्नीकरण तथा छात्रों के समूहों को कार्य का आवंटन भी शिक्षकों द्वारा किया जाएगा। सप्ताह में एक दिन स्वच्छता को लेकर हाथ धोने, पानी की बचत पहुंचाने के प्रयोग तथा शिष्टाचार जैसे क्रियाकलापों का भी आयोजन किया जाएगा। बच्चों से खतरनाक तथा उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्वच्छता कार्य नहीं कराए जाएंगे। साफ-सफाई के कार्यों के दौरान नोडल शिक्षक उनके साथ रहेंगे और निगरानी करेंगे। जिले में 561 जूनियर हाईस्कूल तथा 1385 प्राइमरी स्कूलों में मेरा विद्यालय स्वच्छ विद्यालय अभियान इन दिशा निर्देशों के साथ चलेगा। समुदाय की भी होगी भागीदारी

--पहल के तहत बच्चों से स्वच्छता कार्य कराने से पहले समुदाय और अभिभावकों के मध्य भी माहौल तैयार कर उन्हें स्वच्छता को लेकर जागरूक किया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वच्छता गतिविधियों में सहभागी देख उनके विरोध का सामना न करना पड़े। इसके लिए शिक्षक अभिभावकों की बैठक कर माहौल तैयार करेंगे। -------

शासन द्वारा मेरा विद्यालय स्वच्छ विद्यालय के लिए स्कूली बच्चों और अभिभावकों की सहभागिता के प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों में स्वच्छता की अवधारणा स्कूलों से शुरू करने के प्रयास निश्चित बदलाव लाने वाले तथा स्कूलों की स्वच्छता के लिए कारगर होंगे। निर्देशों के तहत सभी स्कूलों को शासनादेश से अवगत करा दिया गया है।

डा. अरुण शर्मा, जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा

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