जासं, एटा: मेडिकल कालेज की एमसीएच विग का संचारी रोग नियंत्रण अभियान के संयुक्त निदेशक ने दौरा किया और वहां व्यवस्थाएं परखीं। इस दौरान बुखार और डेंगू के शिकार मरीजों के बेड पर मच्छरदानी नहीं मिलीं, जिस पर जेडी ने नाराजगी जताई और मच्छरदानियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान मरीजों के हालचाल भी जाने। बाद में जेडी ने कहा कि बुखार से जिले में कोई भी मौत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में किसी भी मौत का जिक्र नहीं है।

संयुक्त निदेशक डा. पंकज सक्सेना दोपहर के वक्त मेडिकल कालेज की एमसीएच विग पहुंचे, जहां उन्होंने मरीजों से बातचीत की। उनसे पूछा कि वे कब से भर्ती हैं तथा बुखार कब से आ रहा है, चिकित्सक समय से विजिट करते हैं या नहीं। मरीजों से बातचीत के बाद जेडी ने देखा कि मरीजों के बेड पर मच्छरदानी नहीं है, जबकि एमसीएच विग के बाहर काफी गंदगी है। इस पर मच्छरदानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बाद में जेडी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में जिले में बुखार और डेंगू से एक भी मौत नहीं है। डेंगू के जो भी मरीज आ रहे हैं, वे स्वस्थ हो रहे हैं। अगर कुछ मौतें हुई भी हैं तो वे अन्य बीमारियों की वजह से हुई हैं। इस दौरान सीएमओ डा. उमेशचंद्र त्रिपाठी, मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. राजेश गुप्ता भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य शिविरों में परीक्षण, डेंगू के पांच और मरीज मिले

-जनपद में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में बुखार के मरीजों की जांच की गई। इस दौरान सात लोगों में डेंगू के लक्षण पाए गए। प्राइवेट पैथालोजी पर कराई गई जांच में 11 लोगों में डेंगू के प्रारंभिक लक्षण मिले। एलाइजा टेस्ट के दौरान डेंगू की पांच मरीजों में पुष्टि हुई है। उधर नगला केवल, बारथर, सिरसा बदन आदि गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा की गई दवा के वितरण से स्थिति अब काबू में है। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर दौरा किया जा रहा है और हालात अब नियंत्रण में हैं।

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