जागरण संवाददाता, एटा: गर्मी के सीजन में शुक्रवार का दिन अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। पारा 44 डिग्री पार पहुंच गया। दिनभर लोग अकुलाते रहे। तपती दोपहरी में त्वचा को झुलसाने वाली गर्मी महसूस की गई।

गुरुवार को जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक ही रहा, लेकिन शक्रवार को पारे ने 44 डिग्री सेल्सियस तक छलांग लगाते हुए जनमानस को और परेशानी में डाल दिया। न्यूनतम तापमान भी 28 से बढ़कर 32 होने की स्थिति में सुबह और शाम की राहत को भी छीन लिया है। सड़कों का हाल भीषण गर्मी की स्थिति को स्पष्ट करता दिखा। मुख्य मार्ग सन्नाटे की गवाही देते नजर आए, तो दूसरी ओर गली-मुहल्लों में भी रौनक के बजाए लोग गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए घरों में ही कैद होने को मजबूर थे। बाजारों में सुबह 10 बजे से ही रौनक गायब देखी गई। सड़कों पर निकलने के दौरान तन को कपड़ों से ढकने के बावजूद तापमान बढ़ने का अहसास लोगों को हुआ। इसके अलावा शरीर को गीला करने और प्यास को बुझाते हुए लोगों ने दिन काटा।

उधर गर्मी बढ़ने से बच्चों के स्वास्थ्य की ¨चता भी बढ़ गई हैं। यही वजह है कि बच्चों को घरों से निकलने से रोकने को अभिभावक खुद पहल करते देखे जा सकते हैं। बढ़ती गर्मी ने पेय पदार्थो की बिक्री के अलावा आइसक्रीम व अन्य ठंडे उत्पादों की बिक्री बढ़ा दी है। लोग सार्वजनिक स्थानों व बस अड्डों पर पानी की तलाश करते देखे गए।

इस तरह बचें लू से

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लू से बचने के लिए चिकित्सकों द्वारा दी जाने वाली गाइड लाइन का पालन करना जरूरी है। जिला चिकत्सालय के चिकित्सक डा मधुप कौशल ने बताया कि अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है। लोगों को गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।

- शरीर को पूरी तरह से ढंककर रखें

- दिन में लगातार पानी पीते रहें

- मौसमी फलों का सेवन करें

- किसी भी सूरत में बासी खाना न खाएं

- धूप से आने पर एकदम ठंडा पानी न पीएं

- तैलीय पदार्थ की अपेक्षा पेय पदार्थ अधिक लें

- दिन में कम से कम दो बार ठंडे पानी से स्नान करें

- बच्चे, बूढ़े व रोगी व्यक्ति ज्यादा देर तक धूप में न रहें।

By Jagran