एटा, जासं। महाशिवरात्रि श्रद्धा और भक्ति के साथ शुक्रवार को मनाया जाएगा। शिवालयों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ेगा। जिलेभर के मंदिरों में पर्व की पूर्व वेला पर तैयारियां की जाती रहीं। शहरी और कस्बाई इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रद्धा भक्ति का माहौल है। श्रद्धालु उपवास रखेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

गुरुवार को कांवड़िए भगवान शिव के भजन गाते, डीजे पर थिरकते देखे गए। जगह-जगह कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के ठहरने, भंडारे आदि के आयोजन भी किए गए हैं।

महाशिवरात्रि की तैयारियां कई दिन से चल रही थीं। शहर के कैलाश मंदिर में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है इसलिए वहां अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की जाती रहीं। महाशिवरात्रि को लेकर कांवड़ियों में विशेष उत्साह देखा गया। गंगा घाटों से गंगाजल भरकर वे अपने कांवड़ें लेकर भोले भंडारी के भजन गाते चले जा रहे थे। कांवड़ियों के जत्थे जगह-जगह आयोजित किए गए पंडालों में विश्राम करते भी देखे गए। यहां उनके खान-पान आदि की व्यवस्था की गई है। कांवड़िए मनौती वाले देवस्थानों पर करेंगे जलाभिषेक:

महाशिवरात्रि के दिन कांवड़िए अपने मनौती वाले देवस्थानों पर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ियों के जत्थों में शामिल महिला श्रद्धालु भी उत्साह से लवरेज दिखीं। अंतिम वेला में स्थानीय कांवड़ियों का जोर अधिक रहता है, ऐसा ही इस बार भी देखने को मिला क्योंकि बाहर से आने वाले कांवड़िए अधिकांशत: अपने गंतव्य की ओर पहले ही कूच कर चुके हैं। ऐसे करें पूजा:

कैलाश मंदिर के पुजारी धीरेंद्र झा ने बताया कि भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं और उन्हें उनकी प्रिय वस्तुएं भांग, धतूरा, बेलपत्र, इत्र, अक्षत, पुष्पमाला, वस्त्र, जनेऊ आदि चढाएं। इसके बाद भगवान शिव को जल चढ़ाएं। भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और उनकी कथा भी पढ़ें। इसके बाद भगवान शिव की धूप व दीप से आरती उतारें।

भोले भंडारी सबकी मनोकामना पूरी करते हैं। वे बड़े ही दयालु हैं और उनकी पूजा जो सच्चे मन से करता है उसकी मनौती जरूर पूरी होती है।

- माधुरी गुप्ता महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान से करनी चाहिए, वे अपने भक्तों पर दया करते हैं और शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।

- ललिता दुबे भोले तो बस भोले हैं, महाशिवरात्रि पर उनकी पूजा का विशेष महत्व है इसलिए पूजा करने में नियमों का पालन पूरी शिद्दत के साथ करना चाहिए।

- शिप्रा वाष्र्णेय पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। शिव की आराधना से मन को शांति मिलती है, इसलिए सबको पूजा करनी चाहिए।

- कंचन भारद्वाज

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

जागरण अब टेलीग्राम पर उपलब्ध

Jagran.com को अब टेलीग्राम पर फॉलो करें और देश-दुनिया की घटनाएं real time में जानें।