जागरण संवाददाता, एटा: जैथरा थाना क्षेत्र में मकान का लेंटर ढहने से मां-बेटी और बेटा मलबे में दब गए। चीखपुकार सुनकर ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। जब तक मलबे में दबे लोगों को निकाला गया, तब तक मां-बेटी की मौत हो चुकी थी। घायल बेटे की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

हादसा ग्राम नगला परमसुख में शनिवार रात 1.30 बजे हुआ। बूंदाबांदी के दौरान अचानक रामवीर सिंह के मकान का लेंटर ढह गया। लेंटर के नीचे उसकी 50 वर्षीय पत्नी श्यामा देवी, 15 वर्षीय बेटी खुशबू तथा 18 वर्षीय पुत्र मुलायम सिंह सो रहे थे। मलबे में दबे मां-बेटी और बेटा की चीखपुकार सुनकर बाहर मौजूद रामवीर सिंह व आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक मां-बेटी की सांसें थम चुकी थीं।

हादसे में घायल मुलायम सिंह को स्वजन द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। लेंटर ढहने से मां-बेटी की मौत और पुत्र के घायल होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। हादसे के संबंध में मृतक के स्वजन और आसपास के लोगों से पुलिस ने पूछताछ की। मां-बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। विधायक ने दिया मदद का आश्वासन

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लेंटर ढहने से मां-बेटी की मौत की जानकारी मिलते ही कासगंज जनपद के पटियाली विधायक ममतेश शाक्य ने रविवार दोपहर पोस्टमार्टम गृह पहुंचकर मृतकों के परिवार के लोगों को ढांढस बंधाया। उन्होंने दैवीय आपदा के तहत आर्थिक मदद कराए जाने का रामवीर सिंह को आश्वासन दिया है।

Edited By: Jagran