एटा, जासं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले केरोसिन (मिट्टी का तेल) पर कटौती शुरू कर दी गई है। पहले चरण में नगर क्षेत्रों के 27 हजार कार्डधारकों को वितरण रोक दिया गया है।

केरोसिन की बिक्री खुले बाजार में प्रतिबंधित है। अधिनियम के तहत अभी तक यह 34.80 रुपये प्रति लीटर की दर से राशन कोटों पर बेचा जाता था। अंत्योदय कार्डधारकों के लिए हर महीने तीन लीटर और पात्र गृहस्थी कार्डधारक के लिए एक लीटर हर महीने वितरण निर्धारित था। पिछले दिनों सरकार ने निर्देश दिए कि जिन कार्डधारकों के यहां बिजली और गैस दोनों के कनेक्शन हैं, उनको केरोसिन देने की जरूरत नहीं है। इसी आधार पर पूर्ति विभाग ने सर्वे कराया। नगर क्षेत्र में कुल 34486 में से 27609 कार्डधारकों के यहां दोनों कनेक्शन मिल हैं। इनमें 26675 पात्र गृहस्थी और 934 अंत्योदय कार्डधारक हैं। इन सभी को केरोसिन वितरण बंद कर दिया गया है। ऐसे हुआ सर्वे

विभाग ने इसके लिए सभी 73 राशन डीलरों की दुकानों पर रजिस्टर रखवाए। जिसमें कार्डधारकों को अपने घर की स्थिति की जानकारी खुद ही दर्ज करनी थी। इन सभी कार्डधारकों ने स्वयं बिजली और गैस दोनों कनेक्शन होने की घोषणा की है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर अनुमानित आंकड़े के बराबर पाए जाने पर सही माना गया। अगले महीने ग्रामीण क्षेत्र पर फैसला

पहले चरण में जहां नगरीय क्षेत्र का सर्वे पूरा कर फैसला ले लिया गया है। वहीं, अब बारी ग्रामीण क्षेत्र की है। यहां भी सर्वे कराया जा रहा है। सितंबर तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। अक्टूबर में ग्रामीण क्षेत्रों में केरोसिन वितरण पर फैसला लिया जाएगा। वर्जन

शासन से निर्देश मिले थे, जिसके अनुसार पिछले दिनों डीलरों के माध्यम से सर्वे कराया गया। नगर क्षेत्र का सर्वे पूरा हो गया है। जिन कार्डधारकों के घरों में बिजली और गैस दोनों कनेक्शन हैं, वहां मिट्टी के तेल की जरूरत नहीं है। ऐसे में इन कार्डधारकों को तेल वितरण सितंबर से बंद कर दिया गया है।

- राजीव कुमार मिश्रा, डीएसओ

Posted By: Jagran

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