एटा, जागरण संवाददाता : पंचायत राज विभाग के अधीन ग्रामीण अंचलों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के स्थानांतरण से उनमें आक्रोश पैदा हो गया है। मंगलवार को सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने विभाग की स्थानांतरण नीति को चुनौती देते हुए न सिर्फ सड़क पर उतर कर मोर्चा खोल दिया, बल्कि कलक्ट्रेट धरनास्थल पर प्रदर्शन के बाद विकास भवन पर डेरा डालकर जमकर विरोध में नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि नियम विरुद्ध स्थानांतरण पर शीघ्र ही रोक नहीं लगाई गई तो ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।

विकास भवन में धरना दे रहे प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार राजपूत ने कहा कि जिला विकास अधिकारी द्वारा पंचायती राज विभाग में तैनात लगभग 150 सफाई कर्मचारियों का स्थानांतरण 13 अगस्त को बिना किसी कारण बताओ नोटिस के कर दिया गया। नियम विरुद्ध मनमाने ढंग से भारी संख्या में सफाई कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्रों से स्थानांतरित करके प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया है। उसके खिलाफ पुरजोर संघर्ष किया जाएगा। जिला महामंत्री सतीश कुमार ने मांग की कि जिले में तैनात पंचायत राज अधिकारी का वित्तीय अधिकार अन्य जिलास्तरीय अधिकारी को सौंपा जाए, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके।

प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों में हेमराज सिंह, मुनेश कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, सतीश कुमार, रूपकिशोर सिंह, कप्तान सिंह, ओमवीर सिंह, कौशलेंद्र सिंह, किशोर कुमार, सपन कुमार, श्रीकिशन, साजिद मियां, सुभाष कुमार, गिरीश कुमार, कप्तान सिंह, विनेश कुमार आदि सैकड़ों सफाई कर्मचारी मौजूद थे।

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