एटा, जागरण संवाददाता : थानों में अब कबाड़ वाहन नहीं दिखाई देंगे। शहर और देहात कोतवाली में कबाड़ वाहनों की सबसे ज्यादा कतार है। सिटी कोतवाली के बाहर तो निष्प्रयोज्य वाहन अतिक्रमण कर रहे हैं। पुलिस को वाहन खड़े करने के लिए अब शहर के वर्मा नगर और चमकरी में जगह उपलब्ध प्रशासन द्वारा कराई गई है। इस जगह पर वाहनों का डिपो बनेगा। सुरक्षा के बीच वाहन रखे जाएंगे।

जिले के थानों में कबाड़ वाहनों की भरमार है। लूट और चोरी समेत दूसरे मामलों में जब्त वाहनों की संख्या जनपद के थानों में लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे वाहन थानों में पड़े-पड़े जगह तो घेरते ही हैं साथ ही पुलिस के लिए उनकी सुरक्षा भी किसी सिरदर्द से कम नहीं होती। जिले के विभिन्न थानों में लावारिस और विभिन्न मामलों में जब्त की गयी सैकड़ों गाड़ियां उचित रखरखाव एवं नीलामी नहीं होने के कारण जंग खाकर बेकार हो रही हैं। इन गाड़ियों की कीमत कभी लाखों-हजारों में थी। आज कबाड़ में भी बिकने के लायक नहीं रह गई हैं। अब स्थिति बदलने वाली है। जो जगह उपलब्ध कराई गई है वहां डिपो बनाने की तैयारी है। खुले में पड़ी हैं गाड़ियां

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जिलेभर के थानों में ये जब्त वाहन खुले में पड़े हैं। हर थाने में कम से कम पचास-चालीस कबाड़ वाहन मिल ही जाएंगे। पुलिस कर्मियों ने बताया कि इनमें डेढ़ दशक पुराने वाहन भी हैं। शहर कोतवाली में गंदगी का बड़ा कारण यही वाहन हैं। यहां सबसे ज्यादा कबाड़ वाहन हैं। यहां करीब 350 से अधिक बाइक व कई चार पहिया वाहन व ट्रक वर्षों से पड़ा है। अब तो जब्त वाहनों को खड़ा करने के लिए भी जगह नहीं बची है। नई कोतवाली को भेजा प्रस्ताव

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नई कोतवाली के लिए जीटी रोड पर गोशाला के निकट पहले से ही जगह उपलब्ध है। पुलिस ने इस जगह पर अपना बोर्ड भी लगा रखा है। एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नई कोतवाली के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। वाहनों के लिए जो जगह उपलब्ध कराई गई है। उस पर काम शीघ्र शुरू करा दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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