सरकारी की अपेक्षा निजी एंबुलेंस पर भरोसा

जासं, एटा: सरकारी एंबुलेंस के लेटलतीफ पहुंचने के कारण लोगों का इन पर विश्वास कम होता जा रहा है। संसाधनों का अभाव भी लोगों को निजी एंबुलेंस पर भरोसा करने के लिए मजबूर कर रहा है। बुधवार को भी घायल महिला को हायर सेंटर ले जाने के लिए स्वजन ने निजी एंबुलेंस का प्रयोग किया। पूछने पर उन्होंने सरकारी एंबुलेंस की लेटलतीफी होना बताया। जनपद में संचालित सरकारी एंबुलेंस की टाइम टेबल पिछले दिनों से खराब चल रही है। काल करने के बाद मौके पर एंबुलेंस दस से 15 मिनट की देरी से ही पहुंचती है। सरकारी एंबुलेंस में मौजूद वेंटिलेटर, आक्सीजन आदि संसाधन भी पूरी नहीं मिलते। मरीजों की हालत गंभीर होने के साथ ही उन्हें जिंदगी से भी हाथ धोने पड़ते हैं। सरकारी एंबुलेंस की कार्यप्रणाली को देख लोग अब मरीजों को हायर सेंटर ले जाने के लिए निजी एंबुलेंसों पर भरोसा जता रहे हैं। बुधवार को भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया। जहां थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव गदनपुर निवासी गीता और कविता सास-बहू छज्जा गिरने से घायल हो गई थी। स्वजन ने मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने कविता को गंभीर बता हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसे लेकर स्वजन महिला को सरकारी एंबुलेंस न ले जाकर उसे निजी एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर ले गए। सरकारी एंबुलेंस न ले जाने की बात पर स्वजन सौरव ने बताया कि निजी एंबुलेंस तत्काल प्रभाव से मिल गई, जबकि सरकारी एंबुलेंस देरी से पहुंचती। इससे उनके मरीज की हालत और गंभीर होती। इसे लेकर निजी एंबुलेंस का सहारा लिया है। बता दें कि इससे पहले भी एंबुलेंस देरी से पहुंचने और उसमें संसाधन खराब होने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। सादा एंबुलेंस की बात दूर की रही एएलएस एंबुलेंसों में भी सभी उपकरण ठीक से काम न करने की शिकायतें मिली हैं। वहीं सीएमओ डा. यूके त्रिपाठी ने बताया कि एंबुलेंस से जुड़ी समस्या समाधान के लिए हेल्प डेस्क बनवाई जा रही है। समय पर एंबुलेंस पहुंचने को लेकर कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।

Edited By: Jagran