जासं, एटा: शहर के मुख्य नाले पर लोगों ने मकान, दुकान, दीवार आदि तरह का निर्माण कराकर अतिक्रमण कर लिया है। इसे ध्वस्त कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर पालिका कर्मचारी तहसील से आई रिपोर्ट के बाद अतिक्रमण करने वाले लोगों को चिन्हित कर रहे हैं। नोटिस देने के सात दिन बाद प्रशासन नाले से अतिक्रमण को ध्वस्त कराएगा।

जल निकासी के लिए शहर के मारहरा दरवाजा से भदौं के ताल तक मुख्य नाले का निर्माण कराया गया है। नाले की चार किलोमीटर की दूरी है। जिसमें से दो किलोमीटर क्षेत्र में लोगों ने नाले की हद में मकान, दुकानें बना रखी हैं। इसे लेकर नाले की सफाई सही ढंग से नहीं हो पाती है। सफाई न होने के कारण नाले से जल निकासी नही हो पाती है और शहर में जलभराव के हालात बन जाते हैं। नाले की लंबाई और चौड़ाई की जानकारी नगर पालिका ने तहसील से जुटा ली है। नाले की चौड़ाई 15 मीटर बताई गई है। इसके बाद नगर पालिका कर्मचारी टीम बनाकर नाले पर अतिक्रमण करने वाले लोगों को चिन्हित कर रहे हैं। जो मकान नाले की हद में बने हैं उनको चिन्हांकन के बाद ध्वस्त कराया जाएगा। हालांकि इससे पहले प्रशासन की तरफ से लोगों को खुद ही अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जाएगा। ये मुहल्ले होंगे प्रभावित

मुख्य नाले पर होने वाले अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर पालिका तैयारियां पूरी कर रही है। हालांकि इसमें कसावर खाने से लेकर मंडी समिति तक अतिक्रमण हटवाने का निर्धारण किया गया है। इतनी दूरी तक मकान, दीवार, शौचालय ध्वस्त कराए जाएंगे। जिसे लेकर मारहरा गेट, पटियाली गेट, कसाईखाने की पुलिया, किदवई नगर, अलीगंज रोड, नेहरू नगर और मंडी समिति तक के मुहल्ले के लोगों को समस्या होगी।

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अतिक्रमण करने वालों को मिलेगा नोटिस

नगर पालिका ईओ डा. दीप कुमार वाष्र्णेय ने कहा कि जिन लोगों ने नाले की हद में अतिक्रमण किया है। उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा। जिसमें उन्हें सात दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जाएगा। इतनी अवधि में यदि कोई व्यक्ति अतिक्रमण नहीं हटाता है तो जेसीबी के माध्यम से अतिक्रमण हटवाया जाएगा।

Edited By: Jagran