हेपेटाइटिस टेस्ट किट कचरे में पड़ी मिलीं, एटा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही
एटा मेडिकल कॉलेज परिसर में पोस्टमार्टम हाउस के पास बड़ी संख्या में हेपेटाइटिस जांच किट खुले में पड़ी मिलीं, जिससे ...और पढ़ें

एटा में कचरे की तरह पड़ीं हेपेटाइटिस टेस्ट किट।
HighLights
मेडिकल कॉलेज परिसर में हेपेटाइटिस जांच किट खुले में मिलीं।
सीएमएस ने इसे साजिश बताया, मामले की जांच जारी।
जागरण संवाददाता, एटा। मेडिकल कालेज परिसर में पोस्टमार्टम हाउस के गेट के सामने बुधवार को बड़ी संख्या में हेपेटाइटिस जांच किट पड़ी मिलने से स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही को लेकर सवाल खड़े हो गए। किट खुले में पड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद उनकी सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सीएमएस ने साजिश के तहत परिसर में जांच किट डालने का आरोप लगाया है।
मेडिकल कालेज परिसर में पोस्टमार्टम हाउस के गेट के सामने वीफ्लो कंपनी की कई दर्जन जांच किट बुधवार की दोपहर में पड़ी दिखाई दी गईं। किट पर अप्रैल 2028 की एक्सपायरी तिथि अंकित है। इन किटों का इस्तेमाल हेपेटाइटिस की जांचें करने की बात सामने आई है।
जांच किट जैसी महत्वपूर्ण सामग्री का परिसर में खुले स्थान पर पड़ा मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। सवाल यह भी है कि किट वहां किसने रखीं और क्यों रखीं गईं।
साजिश के तहत रखीं गईं किटें
मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. सुरेश चंद्रा ने बताया कि इस कंपनी की किट मेडिकल कालेज में नहीं पहले उपयोग में लाई गईं और नहीं वर्तमान में चलन में है। यह किसी साजिश के तहत किटें रखीं गई हैं, किटें रखने का क्या मकशद है। यह कहना मुश्किल है।
मामले की जांच कराई जा रही है। कहा जहां तक है किसी प्राइवेट अस्पताल में उपयोग में लाई जाती होंगी और एकांत जगह देखकर डाला गया हो। अब मामले में यह भी जांच का विषय है कि किट इस्तेमाल के लिए रखी गई थीं या किसी अन्य कारण से वहां छोड़ी गईं। जांच किटों को खुले में छोड़ने के पीछे की वजह स्पष्ट होने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
