एटा में स्वाइन फ्लू का प्रकोप, 15 नए संदिग्ध मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
एटा में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है, जहां रविवार और सोमवार को 15 नए संदिग्ध मरीज सामने आए ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
स्वास्थ्य विभाग ने जांच और निगरानी प्रक्रिया तेज कर दी।
संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां बरतने पर जोर दिया।
संवाद सहयोगी जागरण, एटा। स्वाइन फ्लू की आशंकाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। रविवार और सोमवार को जिले में 15 नए संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। सभी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के चार मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें पटियाली गेट निवासी डा. शैलेंद्र गौड़ की पूर्व में मौत हो चुकी है। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बुखार, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीजों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कालेज में फ्लू से संबंधित मरीजों के लिए अलग ओपीडी संचालित की जा रही है। यहां प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों की जांच के दौरान स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर उन्हें संदिग्ध श्रेणी में रखते हुए नमूना जांच के लिए भेज रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेडिकल कालेज की इंटीग्रेटेड लैब में संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच कराई जा रही है। रविवार और सोमवार को मिले 15 संदिग्ध मरीजों के भी नमूने लिए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
विभाग की ओर से मरीजों की निगरानी के साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों को अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। संदिग्ध मरीजों की समय से जांच होने पर उपचार शुरू करने में भी मदद मिलती है।
स्वाइन फ्लू से ऐसे करें बचाव
- खांसी, जुकाम और बुखार वाले व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।
- छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
- हाथों को साबुन और पानी से बार-बार अच्छी तरह धोएं।
- आंख, नाक और मुंह को बार-बार हाथ न लगाएं।
- इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।घर और आसपास साफ-सफाई रखें तथा कमरों में हवा का आवागमन बनाए रखें।
