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कुपोषण के विरुद्ध अभियान में एटा ने मारी बाजी, प्रदेश स्तर की रैंकिंग में मिला चौथा स्थान, समेकित प्रयास ला रहे रंग

Published: Sun, 16 Aug 2026 08:00 PM (IST)

एटा जिले ने कुपोषण के खिलाफ अभियान में प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। पिछले तीन महीनों में ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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HighLights

  1. एटा को कुपोषण उन्मूलन में प्रदेश में चौथा स्थान मिला।

  2. तीन माह में 388 बच्चे अति कुपोषण से सामान्य हुए।

  3. पोषण योजनाओं और विभागों के समन्वय से मिली यह सफलता।


जागरण संवाददाता, एटा। कुपोषण के विरुद्ध चल रही जंग में जनपद ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर अपनी धाक जमाई है। पिछले तीन माह में कुपोषण के मामलों में तेजी से आई गिरावट और पोषण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के चलते प्रदेश में एटा जिले को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। अभी भी जिले को कुपोषण के मामले में शून्य स्तर पर लाने के प्रयास जारी हैं।

यहां बता दें कि केंद्र तथा प्रदेश सरकार के द्वारा संयुक्त रूप से कुपोषण के विरुद्ध विभिन्न स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक साल से जनपद में कुपोषण मुक्ति के मामले में पोषण योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों के समन्वय से किए जा रहे प्रयास सार्थक होते नजर आ रहे हैं, जिसका प्रमाण प्रदेश स्तर पर जारी की गई रैंकिंग में सामने आया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत 148785 बच्चों का मापन किया गया। इसके अंतर्गत जिले के सभी आठ विकासखंड तथा नगर क्षेत्र में अति कुपोषित बच्चों के सिर्फ 63 मामले ही सामने आए जबकि 376 बच्चे कुपोषित श्रेणी में हैं।

महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि पोषण माह तथा संभव अभियान के जरिए विभाग द्वारा पिछले 3 महीने में 388 बच्चों को अति कुपोषण की श्रेणी से सामान्य श्रेणी में लाने में सफलता प्राप्त हुई। इन बच्चों को पोषण योजनाओं के लाभ के अलावा ही पोषण पुनर्वसन केंद्र का लाभ दिलाया गया।

इस तरह पिछले तीन महीने के आंकड़ों के आधार पर जनपद में 88.61 प्रतिशत सफलता के साथ प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। जनपद खीरी, जालौन तथा हापुड़ के बाद एटा जनपद में कुपोषण के मामले में उपलब्धि प्राप्त करते हुए जिले का भी गौरव बढ़ाया है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया है कि जनपद में पोषण योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन समेकित रूप से किया जा रहा है। आंगनबाड़ी स्तर से लेकर जिला स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग तथा कुपोषित बच्चों को पोषण तथा उपचार की व्यवस्था नियमित प्रभावी की गई है।

विभाग का पूरा प्रयास है कि जनपद में अभी भी 159 अति कुपोषित तथा 563 पोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाया जाए। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में और भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

जिला समन्वयक पोषण संजीव पचोरी ने बताया है कि जिले में लाभार्थियों को पोषण योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ तथा अति कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार दिलाने की प्रक्रिया से अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। आगामी तीन महीने में जिले में कुपोषण और कम होगा।

जिले में कुपोषण की वर्तमान स्थिति

परियोजना अति कुपोषित कुपोषित बच्चे
अलीगंज 15 77
अवागढ़ 18 85
जैथरा 23 157
जलेसर 32 63
मारहरा 28 46
निधौली कला 24 61
सकीट 7 29
शीतलपुर 10 36
नगर क्षेत्र 02 09