लहसुन-प्याज की खेती को बढ़ावा दे रही सरकार, अनुसूचित जाति के किसानों को मिलेगा अनुदान
सरकार एटा में अनुसूचित जाति के किसानों को लहसुन और प्याज की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। एकीकृत ...और पढ़ें

प्याज और लहसुन।
जागरण संवाददाता, एटा। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को लहसुन और प्याज की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत अनुसूचित जाति के किसानों को लहसुन और प्याज की खेती करने पर 24 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना और उनकी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र किसानों को लहसुन और प्याज का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। बीज पर ही 24 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। अनुसूचित जाति के किसानों को इस योजना में प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जा रहा है।
इसके लिए इच्छुक किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद विभागीय स्तर पर पात्रता और निर्धारित मानकों के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। लहसुन और प्याज ऐसी फसलें हैं, जिनकी बाजार में मांग बनी रहती है। इनकी खेती से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, बीज और अन्य कृषि निवेश पर होने वाला खर्च कई बार किसानों के लिए चुनौती बनता है।
ऐसे में उद्यान विभाग की यह योजना किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ खेती की लागत कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
उद्यान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षण सुनील कुमार ने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक अनुसूचित जाति के किसान उद्यान विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले किसानों को सहायता की पात्रता, खेती के लिए निर्धारित क्षेत्रफल, बीज वितरण और अनुदान से संबंधित शर्तों की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। इससे आवेदन में होने वाली त्रुटियों से बचा जा सकेगा।
