एटा, जागरण संवाददाता। गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार सुबह चार बजे तक झमाझम वर्षा हुई। गरजते बादल और आसमान में कड़कती बिजली लोगों की कंपकंपी छुड़ाती रही। इसके बाद पूरे दिन रुक-रुक कर वर्षा होती रही। दिनभर जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। सड़कों, गली, मुहल्लों, बाजार हर तरफ पानी ही पानी नजर आया। आठ साल पहले भी हुई वर्षा का रिकार्ड टूट गया।

गुरुवार देर रात को एक बार फिर तेज वर्षा शुरू हुई और अनवरत रूप से पानी बरसता रहा। सुबह लोग जब सोकर उठे तो हर तरफ जलभराव का नजारा था। चार बजे वर्षा थम गई, मगर दिन में 11 बजे के बाद फिर से वर्षा होने लगी। इसके बाद दिन में कई बार रुक-रुककर वर्षा हुई। सड़कों का हाल पहले से ही खराब था। निरंतर वर्षा ने और ज्यादा हालात बदतर कर दिए। जितनी देर वर्षा थमी, उतनी देर ही श्रमिक सड़कों को दुरुस्त करने में जुटे रहे। 

नालों का कीचड़ सड़कों पर पसरा

शहर में भारी वर्षा का विपरीत असर दुकानदारों पर भी पड़ा है। बाजारों में कीचड़ जैसी स्थिति है। लोग खरीदारी के लिए नहीं पहुंचे। गांधी मार्केट, बाबूगंज, घंटाघर, सब्जी मंडी, हाथी गेट के अंदर, किराना बाजार आदि स्थानों पर जलभराव और कीचड़ जैसी स्थिति है। नालों का कीचड़ बीच सड़कों पर पसरा रहा। दुपहिया व चारपहिया वाहनों को कचरे से ऊपर होकर निकलना पड़ा। 

आठ साल बाद ऐसा मौका आया है, जब इतनी तेज बारिश हुई है। वर्ष 2014 के वर्षा सीजन में अंतिम वर्षा 200 मिलीमीटर रिकार्ड की गई थी और इस बार 299 मिलीमीटर तक रिकार्ड की गई है।

पिछले साल से ढाई गुना वर्षा

चार दिन वर्षा ने सितंबर की वर्षा का नया रिकार्ड बनाया है। पिछले साल पूरे सितंबर में 113.32 मिलीमीटर वर्षा हुई। इस साल पहले सप्ताह 14 मिलीमीटर वर्षा थी, जोकि 22 सितंबर तक रिकार्ड 299 मिलीमीटर तक पहुंच गई।

Edited By: Shivam Yadav