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एटा में फर्जी मेडिकल कॉलेज का भंडाफोड़, प्रबंधक और रिटायर्ड सीएमओ के बेटे समेत 5 गिरफ्तार

Published: Sun, 20 Sep 2026 04:55 AM (IST)

एटा में एक फर्जी मेडिकल कॉलेज का भंडाफोड़ हुआ है, जहां प्रबंधक सतेंद्र कुमार और रिटायर्ड सीएमओ के बेटे सहित ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. एटा में फर्जी बीएस मेडिकल कॉलेज का भंडाफोड़ हुआ।

  2. प्रबंधक सतेंद्र कुमार समेत पांच लोग गिरफ्तार किए गए।

  3. लेनदारों से बचने को प्रबंधक ने रची अपहरण की झूठी कहानी।

जागरण संवाददाता, एटा। पिछले चार साल से चल रहा बीएस मेडिकल कॉलेज फर्जी था। हर वर्ष सैकड़ों छात्र-छात्राओं का प्रवेश कराकर फर्जी मार्कशीट दी जाती रहीं। 16 सितंबर को प्रबंधक ने लेनदारों से बचने के लिए अपहरण की फर्जी कहानी रची। पुलिस की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आ गया। पुलिस ने प्रबंधक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपित रिटायर्ड सीएमओ का बेटा भी है।

मारहरा कस्बे में 2022 से बीएस मेडिकल कालेज संचालित हो रहा था। 16 सितंबर शाम चार बजे रामसेवक ने पुलिस को सूचना दी कि उनके भाई और कालेज के प्रबंधक सतेंद्र कुमार को कार सवार लोग अगवा करके ले गए हैं। आरोपितों ने दो लाख रुपये की फिरौती मांगी है। पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन सतेंद्र और आरोपितों का कुछ पता नहीं चला।

सतेंद्र की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। एएसपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि उसी रात सतेंद्र कुमार को आगरा से सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में उसके बयान संदिग्ध लगे। पुलिस ने सतेंद्र के चार साथियों गौरव अग्रवाल, भगवानदास, नरेंद्र और मोहम्मद शरीफ कुरैशी को भी गिरफ्तार किया। इन चारों की गिरफ्तारी से फर्जी कालेज की पोल खुल गई।

लेनदारों से बचने के लिए इन चारों के साथ मिलकर सतेंद्र ने अपहरण की झूठी कहानी रची थी। गौरव अग्रवाल सेवानिवृत्त सीएमओ का बेटा है।

बीएएमएस से नर्सिंग तक के कोर्स, प्रचार सामग्री में यूनिवर्सिटी
एएसपी ने बताया कि छात्र-छात्राओं को बीएएमएस, डीफार्मा, बीफार्मा, बीएससी नर्सिंग, डीएमएलटी, बीएमएलटी, बीएएमएस, जीएनएम और एएनएम जैसे पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जा रहा था। कालेज में फर्जी अटेंडेंस शीट, आइकार्ड और प्रचार सामग्री मिली है। प्रचार सामग्री पर यूनिवर्सिटी लिखा था।

मोटी फीस लेकर डिग्री और मार्कशीट दी जा रही थीं। पुलिस के अनुसार कुछ छात्रों को बाद में पता चला कि उनके दस्तावेज फर्जी हैं। फीस वापस करने के बढ़ते दबाव से बचने के लिए प्रबंधक ने अपहरण की फर्जी कहानी रची, लेकिन वह अपने ही जाल में फंस गया।

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