एटा के अलीगंज सीएचसी में दवाएं जलाने का वीडियो वायरल, चार डॉक्टरों का वेतन रोका गया
अलीगंज सीएचसी में सरकारी दवाएं और उनके रेपर जलाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप ...और पढ़ें

अलीगंज सीएचसी का निरीक्षण करते सीएमओ।
जागरण संवाददाता, एटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज में दवाएं और उनके रेपर जलाए जाने का वीडियो मंगलवार रात इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। मामले की जानकारी मिलते ही सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद ने रात में ही सीएचसी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एमओआईसी समेत चारों नियमित चिकित्सक मौके पर उपस्थित नहीं मिले। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने चारों चिकित्सकों का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
सीएचसी परिसर में दवाओं और उनके रेपर जलाए जाने को लेकर प्रसारित वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। वीडियो में दवाओं के साथ उनके रेपर जलते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने बिना देरी किए रात में ही स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान एमओआईसी डा. सर्वेश कुमार, डा. राजेश शर्मा, डा. जितेंद्र कुमार और डा. राहित सिंह गैर हाजिर मिले। चिकित्सकों की गैरहाजिरी सामने आने पर कार्रवाई की गई। रात में स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी का एक माह का वेतन रोक दिया गया है।
सीएमओ ने फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्राचार किया है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच कराए जाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है।
सीएमओ ने बताया कि दवाएं और उनके रेपर जलाए जाने का इंटरनेट पर वीडियो प्रसारित होने के बाद रात में ही सीएचसी अलीगंज का निरीक्षण किया गया। यहां एक्सपाइरी डेट की दवाएं और वैक्सीन आदि के रेफर जलाए जाने की बात सामने आई हैं, लेकिन यह भी गंभीर है और निस्तारण नियम विरूद्ध किया गया है।
वहीं एमओआईसी समेत चारों नियमित चिकित्सक अनुपस्थित मिले। चारों का एक माह का वेतन रोक दिया गया है। फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
