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एटा में नवरात्र फलाहार से सात बीमार, साबूदाना खीर और समा के चावल खाने से बिगड़ी तबीयत

By Pravesh Dixit Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 13 Oct 2026 01:13 PM (IST)

नवरात्र के व्रत के दौरान एटा के मारहरा में एक ही परिवार के सात सदस्य फलाहार खाने के बाद बीमार ...और पढ़ें

अस्पताल में भर्ती फूड प्वाइजनिंग के शिकार लोग।

अस्पताल में भर्ती फूड प्वाइजनिंग के शिकार लोग।

संवाद सहयोगी, मारहरा (एटा)। नवरात्र में व्रत के दौरान फलाहार करने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों की तबीयत बिगड़ गई। कस्बे के मुहल्ला कटरा निवासी परिवार के सदस्यों ने रविवार शाम साबूदाना की खीर और समा के चावल खाए थे। सोमवार अलसुबह एक-एक कर सभी को उल्टी, चक्कर आने और उच्च रक्तचाप की शिकायत होने लगी।

हालत बिगड़ने पर स्वजन सभी को बीएम जुबैरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। घटना की जानकारी मिलने पर खाद्य विभाग और पुलिस की टीम भी सीएचसी पहुंची। खाद्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुहल्ला कटरा निवासी मदन साहू के परिवार में नवरात्र के व्रत रखे गए थे। रविवार शाम व्रत के फलाहार के लिए घर में साबूदाना की खीर और समा के चावल बनाए गए थे। परिवार के सभी सदस्यों ने इन्हें खाने के बाद रात में आराम किया। सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक सात लोगों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई।

इसके बाद स्वजन उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे। बीमार होने वालों में मदन साहू, उनकी पत्नी 55 वर्षीय गुड़िया, 38 वर्षीय बेटा हिमांशु साहू, 26 वर्षीय विशाल साहू, पुत्रवधू 33 वर्षीय अर्चना साहू, बेटी 23 वर्षीय आरोही और 15 वर्षीय सौम्या शामिल हैं। सभी का सीएचसी में उपचार किया गया।

खाद्य विभाग ने शुरू की जांच

एक ही परिवार के सात लोगों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी पर खाद्य विभाग की टीम और मारहरा पुलिस सीएचसी पहुंची। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर फलाहार में इस्तेमाल की गई सामग्री के बारे में जानकारी जुटाई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि परिवार ने साबूदाना की खीर और समा के चावल खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी है।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बीमारी की वजह यही खाद्य पदार्थ हैं या कोई अन्य सामग्री। उनका कहना है कि परिवार के लोग ये नहीं बता रहे कि फलाहार का सामान कहां से खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि घर में इस्तेमाल की गई खाद्य सामग्री की जांच जरूरी है। परिवार ने फिलहाल रसोई की जांच कराने में असमर्थता जताई है। मामले की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे करें नकली साबूदाना की पहचान

साबूदाना के एक-दो दाने चबाकर देखें, अगर हल्का चिपचिपा महसूस हो तो यह असली है। नकली पाउडर जैसा हो जाता है। साबूदाना को जलाकर देखें, असली होगा तो पापकार्न की तरह फूलेगा, नकली होगा तो राख हो जाएगा। असली साबूदाना फूलकर साफ्ट हो जाता है, नकली घुल जाता है। एकदम सफेद चमक वाला साबूदाना न खरीदें, इसमें कैमिकल हो सकता है।

समा के चावल को सूघें, अगर सीलन, फंगस हो और गंध आए तो न खरीदें। समा के चावल को पानी में डालें, अगर मिलावट होगी तो वे ऊपर तैरने लगेंगे।

चिकित्सक की राय

मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. एस चंद्रा ने बताया कि साबूदाना और समा के चावल हमेशा अच्छे ब्रांड के सीलबंद पैकेट में ही लें। तीन-चार बार पानी से रगड़कर धोएं ताकि ऊपर जमा कैमिकल या डस्ट निकल जाए। अधिक दिन का साबूदाना और समा का चावल रखा हुआ है तो उसका उपयोग न करें। बासी साबूदाना और समा का चावल न खाएं।