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एटा में सांपों का कहर: 3 महीने में 592 लोगों को काटा, 15 की मौत

Published: Mon, 07 Sep 2026 04:54 PM (IST)

एटा में मानसून के तीन महीनों (जून-अगस्त) में 592 लोग सर्पदंश का शिकार हुए, जिनमें से 15 की मौत हो गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. एटा में तीन माह में 592 सर्पदंश के मामले सामने आए।

  2. इनमें से 15 लोगों की सर्पदंश से दुखद मृत्यु हो गई।

  3. जुलाई माह में सर्पदंश के सर्वाधिक 265 मामले दर्ज हुए।

जागरण संवाददाता, एटा। वर्षा के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जून से अगस्त तक तीन माह में जनपद में 592 लोग सांपों के डसने का शिकार हुए हैं। इनमें उपचार के दौरान या अस्पताल पहुंचने से पहले 15 लोगों की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के अनुसार जुलाई में सर्पदंश की घटनाएं सबसे अधिक रहीं।

वर्षा के दौरान खेतों और घरों के आसपास पानी भरने से सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं। इस दौरान लोगों का सामना सांपों से होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। तीन माह में सर्पदंश के मामलों की संख्या लगातार अधिक रही। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों, कच्चे मकानों, घास-फूस और जलभराव वाले स्थानों पर सांपों का खतरा अधिक रहता है।

कई स्थानों पर एक साथ कई सांप बिलों से बाहर निकलने के कारण लोगों के लिए परेशानी भी बनी। सर्पदंश के बाद समय पर उपचार नहीं मिलने से कई मामलों में स्थिति गंभीर हो जाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कई बार अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक और घरेलू उपचार में समय गंवा देते हैं। इससे मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। जबकि सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश की दवाएं उपलब्ध हैं और लोगों की जानें आसानी से बचाई जा रही हैं।

जुलाई में सबसे ज्यादा मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून में 137 लोग सर्पदंश का शिकार हुए। जुलाई में यह संख्या बढ़कर 265 पहुंच गई। अगस्त में 190 लोगों को सांपों ने डसा। इस तरह तीन महीने में कुल 592 मामले सामने आए। इनमें 15 लोगों की जान चली गई।

जुलाई में सबसे अधिक मामले सामने आने का प्रमुख कारण वर्षा के दौरान सांपों का बिलों से बाहर निकलना माना जा रहा है। जबकि जनवरी 2026 से लेकर मई तक 200 लोग सर्पदंश के शिकार हुए।

सर्पदंश के आंकड़े

  • जनवरी से मई तक सर्पदंश के शिकार लोग: 200
  • जून: 137
  • जुलाई: 265
  • अगस्त: 190
  • जून से अगस्त कुल: 592
  • जनवरी से अगस्त कुल: 792
  • जनवरी से अगस्त में मौत: 15
  • सबसे अधिक मामले जुलाई में: 265

सर्पदंश के बाद क्या करें

  • तुरंत व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और सांप के पास दोबारा न जाएं।
  •  घबराने न दें और मरीज को बिल्कुल शांत रखें।
  • जिस अंग पर सांप ने डसा है, उसे स्थिर रखें।
  • अंगूठी, चूड़ी, घड़ी, पायल या कसे हुए कपड़े तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ सकती है।
  • बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
  • सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।


ये गलती बिल्कुल न करें

  • घाव पर चीरा न लगाएं और विष चूसने की कोशिश न करें।
  • हाथ-पैर पर रस्सी या कसकर पट्टी न बांधें।
  • घाव पर बर्फ, मिट्टी, जड़ी-बूटी या कोई घरेलू पदार्थ न लगाएं।
  • झाड़-फूंक में समय न गंवाएं।
  • लक्षण दिखाई देने का इंतजार न करें, तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।

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