खारे पानी की समस्या होगी खत्म, 214 गांवों को मिलेगा नहर से पानी, साढ़े चार लाख लोगों को मिलेगा लाभ
एटा के जलेसर, सकीट और शीतलपुर क्षेत्र के 214 खारे पानी से प्रभावित गांवों को नहर आधारित पेयजल योजना से लाभ मिलेगा।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
जलेसर, सकीट, शीतलपुर के 214 गांवों को मिलेगा लाभ।
450 करोड़ की लागत से नहर आधारित पेयजल योजना।
साढ़े चार लाख ग्रामीणों को मिलेगा सुरक्षित पीने का पानी।
जागरण संवाददाता, एटा। जल जीवन मिशन के तहत खारे पानी और फ्लोराइड प्रभावित गांवों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
जलेसर विधानसभा क्षेत्र, सकीट और शीतलपुर विकासखंड के कुल 214 गांवों को सतही जल स्रोत (नहर का पानी) आधारित पेयजल योजना से आच्छादित करने के लिए प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। योजना पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना से करीब साढ़े चार लाख ग्रामीणों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगरा के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने जलेसर विधानसभा क्षेत्र तथा सकीट और शीतलपुर के खारे पानी से प्रभावित गांवों के लिए सतही जल स्रोत आधारित पेयजल योजना की मांग रखी थी। इसके बाद योजना की प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जलेसर विधानसभा क्षेत्र के 185 गांव तथा सकीट और शीतलपुर विकासखंड के 29 गांव योजना में शामिल किए गए हैं। इन गांवों में नहर के पानी को शुद्ध कर पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचाने की योजना है। परियोजना के तहत तीन स्वच्छ जल जलाशय (सीडब्ल्यूआर) बनाने और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित है।
तीन बनेंगे स्वच्छ जल जलाशय
जल निगम ग्रामीण क्षेत्र की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार सकीट और शीतलपुर क्षेत्र की करीब 48,400 आबादी के लिए 200 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर गड्ढनपुर पर प्रस्तावित है।
वहीं जलेसर की करीब दो लाख आबादी के लिए 900 किलोलीटर तथा अवागढ़ और निधौली कलां की 24 पंचायतों की करीब 2.10 लाख आबादी के लिए 950 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर अरबगढ़ पर बनाया जाना प्रस्तावित है।
योजना पूरी होने के बाद ग्रामीणों को खारे भूजल से राहत मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट को आगे की स्वीकृति और आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा।
खारे पानी से प्रभावित गांवों में सतही जल स्रोत आधारित पेयजल योजना की प्री-फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। योजना से करीब साढे चार लाख ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
-अंकित यादव, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण
बड़ेरा में बनाया जा रहा है 456 एमएलडी का डब्ल्यूटीपी
जिला के गांव बड़ेरा में वर्तमान में 456 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण खंड कार्यालय फिरोजाबाद की ओर से कराया जा रहा है। इससे फिरोजाबाद और आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रस्तावित है।
जिला से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी फिरोजाबाद और आगरा तक पहुंचाया जाना है। निर्माणाधीन संयंत्र से जलेसर क्षेत्र को जलापूर्ति नहीं मिलने के कारण क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है।
