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जागरण संवाददाता, एटा: डग्गेमार बसें फर्राटा भर रही हैं और रोडवेज बस खाली दौड़ रही हैं। बस स्टैंड से ही रोडवेज बसों के आगे खड़ा होकर डग्गेमार बेखौफ होकर यात्री भर रहे हैं और राजस्व को चूना लगा रहे हैं। निगम के अधिकारी हैं कि एमडी के आदेश के बावजूद भी चुप्पी साधे हैं। डग्गेमारों के विरुद्ध अभियान में पांच दिन बाद भी एक वाहन के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे हालातों में डग्गेमारों से साठगांठ को लेकर जिम्मेदारों पर भी उंगलियां उठ रही हैं।

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों प्रबंधक निदेशक रोडवेज द्वारा सभी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को 28 मार्च से अभियान चलाकर डग्गेमारों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ऐसा नहीं है कि रोडवेज के अधिकारी चुनावी कार्यो में व्यस्त हों। इसके बावजूद भी पांच दिन गुजर गए, लेकिन डग्गेमारों के विरुद्ध कार्रवाई तो दूर कोई अधिकारी बस स्टैंड पर खड़ा तक दिखाई नहीं दिया। इन दिनों रोडवेज का अभियान चल रहा है और दूसरी ओर दर्जनों डग्गेमार बसें रोडवेज के रंगों में निगम की बसों के सामने से सवारियां भर रही हैं। वैसे भी आय के मामले में अव्वल रहने वाले डिपो की स्थिति परिक्षेत्र में लगातार पिछड़ रही है और ऐसे में उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी उनकी डग्गेमारों से साठगांठ की स्थिति को साफ कर रही है। बताया गया है कि पूर्व में डग्गेमारों को हटाने के लिए कुछ कर्मी नियुक्त किए गए तो उन्होंने दर्जनभर बसों के विरुद्ध एफआइआर भी कराई। बाद में उन्हीं कर्मियों को हटाकर डग्गेमार संचालकों को बेखौफ कर दिया।

Posted By: Jagran

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